जयपुर। प्रदेश सरकार ने किसानों को बेहतर दाम और सुनिश्चित विपणन (मंडी) मौका प्रदान करने के लिए Minimum Support Price Procurement Scheme (एमएसपी खरीद) पूरे राजस्थान में लागू कर दी है। इस योजना के माध्यम से किसानों की फसल खरीद को बड़े पैमाने पर समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि वे बाजार की अनिश्चितताओं से मुक्ति पायें और एक सशक्त आय का भरोसा प्राप्त करें।
राज्य के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Gautam Kumar Dak ने घोषणा की कि अब तक लगभग 5 लाख किसानों से लगभग ₹8,191 करोड़ का कृषि उत्पादन एमएसपी के अंतर्गत खरीदा जा चुका है।
“इस बड़े पैमाने पर समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से राहत दे रही है और सुनिश्चित आय का भरोसा दे रही है,” मंत्री ने कहा।
प्रमुख विशेषताएँ और पहलें
•किसानों के लिए उत्पादन बेचने हेतु पंजीकरण के प्रावधान बने हैं, जिसमें सार्वजनिक पोर्टल मौजूद है।
•इस वर्ष खरीफ 2025 मौसम के लिए किसानों से एमएसपी पर अधिक उत्पाद खरीद करने के लिए कॉल किया गया है।
•एमएसपी खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है, तथा किसानों को समय पर भुगतान करने के उपाय किए जा रहे हैं — उदाहरणस्वरूप, 72 घंटे के अंदर भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है।
असर व चुनौतियाँ
इस योजना से किसानों को लगातार दो लाभ मिल रहे हैं — एक तो समर्थन मूल्य पर बिक्री का अवसर, दूसरा यह कि उन्हें तुरंत और भरोसेमंद तरीके से भुगतान मिल सके। इससे किसानों की ऋणग्रस्तता में कमी, उत्पादन निर्णय में सुधार, तथा कृषि व्यवसाय को स्थिरता मिल सकती है।
हालाँकि, कुछ चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं। उदाहरण के लिए — कुछ केंद्रों पर किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा है, तथा भुगतान प्रक्रिया में देरी की शिकायतें भी आई हैं।
आगे की राह
राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतम किसानों को इस योजना से जोड़कर उनकी वास्तविक आय बढ़ायी जाए, उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखा जाए, और कृषि को एक लाभदायक व्यवसाय बनाया जाए।
किसानों को सलाह है कि वे:
•अपने बैंक खाते, जन-आधार और जमीन रिकॉर्ड को पंजीकरण के समय अपडेट करें।
•तय समय पर पंजीकरण करें और तय केंद्रों पर अपनी उपज बेचें।
•केंद्र-की जानकारी, क्रय-परिपत्र और भुगतान स्टेटस नियमित रूप से देखें।
इस व्यापक प्रयास से राजस्थान में किसानों के लिए स्थिर और निर्बाध कृषि विपणन प्रणाली बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।