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1984 शीखविरोधी दंगलीवरून मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यांचा काँग्रेसवर हल्लाबोल; म्हणाल्या- हजारो कुटुंबे आजही न्यायाच्या प्र आंतरराष्ट्रीय प्रवाशांसाठी डिजी यात्रेची सुविधा सुरू; देशातील 7 विमानतळांवर प्रायोगिक चाचण्या ट्रम्प यांची रिपब्लिकन उमेदवारांसाठी अंतिम प्रचारमोहीम; सिनेटवरील नियंत्रण कायम राखण्याचे मतदारांना आवाहन इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार, कहा- भारत में रहना है तो बिना शर्त मांगनी होगी माफी एल नीनो के खतरे के बीच ₹52 लाख करोड़ की कृषि अर्थव्यवस्था को सुरक्षा दे सकता है पैरामीट्रिक क्लाइमेट इंश्योरेंस कश्मीर में मूसलाधार बारिश से फ्लैश फ्लड, बारामूला और बांदीपोरा सबसे ज्यादा प्रभावित; IMD ने 4 अगस्त तक और बारिश का जताया 1984 शीखविरोधी दंगलीवरून मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यांचा काँग्रेसवर हल्लाबोल; म्हणाल्या- हजारो कुटुंबे आजही न्यायाच्या प्र आंतरराष्ट्रीय प्रवाशांसाठी डिजी यात्रेची सुविधा सुरू; देशातील 7 विमानतळांवर प्रायोगिक चाचण्या ट्रम्प यांची रिपब्लिकन उमेदवारांसाठी अंतिम प्रचारमोहीम; सिनेटवरील नियंत्रण कायम राखण्याचे मतदारांना आवाहन इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार, कहा- भारत में रहना है तो बिना शर्त मांगनी होगी माफी एल नीनो के खतरे के बीच ₹52 लाख करोड़ की कृषि अर्थव्यवस्था को सुरक्षा दे सकता है पैरामीट्रिक क्लाइमेट इंश्योरेंस कश्मीर में मूसलाधार बारिश से फ्लैश फ्लड, बारामूला और बांदीपोरा सबसे ज्यादा प्रभावित; IMD ने 4 अगस्त तक और बारिश का जताया

हमारे बारे में

खलिहान न्यूज़: गाँव, किसान और भारत की बदलती तस्वीर का सशक्त मंच

एक विचार से शुरू हुआ सफर, अब देश की आवाज़ बनने की ओर।

वर्ष 2004 में एक मासिक पत्रिका के रूप में शुरू हुआ ‘खलिहान’ केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि भारतीय कृषि, ग्रामीण जीवन और गाँवों की वास्तविक समस्याओं को स्वर देने का एक संकल्प था। भारत की आत्मा आज भी उसके गाँवों में बसती है और उसकी अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी विश्वास के साथ खलिहान ने खेती-किसानी, किसानों की चुनौतियों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि तकनीक और गाँवों से जुड़े सामाजिक सरोकारों को अपनी पत्रकारिता का केंद्र बनाया।

अपने आरंभिक वर्षों में ही खलिहान ने पाठकों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और कृषि एवं ग्रामीण विषयों पर केंद्रित पत्रिका के रूप में अपनी पहुँच का विस्तार किया। यह यात्रा उस भरोसे का परिणाम थी, जो किसानों, ग्रामीण पाठकों और कृषि जगत से जुड़े लोगों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से विकसित हुआ।

बदलते भारत के साथ पत्रकारिता का नया अध्याय

समय के साथ भारत बदला। गाँवों की आवश्यकताएँ बदलीं, कृषि के स्वरूप में परिवर्तन आया, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए आयाम सामने आए और तकनीक ने सूचना के संसार को नई गति दी। इन परिवर्तनों ने पत्रकारिता के सामने भी नई संभावनाएँ और नई जिम्मेदारियाँ प्रस्तुत कीं।

इन्हीं बदलती जरूरतों को समझते हुए हमने मासिक पत्रिका ‘खलिहान’ को डिजिटल पत्रकारिता के विस्तृत मंच ‘खलिहान न्यूज़’ (Khalihannews.com) के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—खबरों को केवल सूचना तक सीमित न रखते हुए उन्हें जनजीवन, जनहित और जनभागीदारी से जोड़ना।

आज खलिहान न्यूज़ पर हमारा प्रयास है कि पाठकों को देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं के साथ भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों की खबरें एक ही मंच पर उपलब्ध हों। कृषि, ग्रामीण विकास, व्यापार, अर्थव्यवस्था, राजनीति, शासन-प्रशासन, खेल, विज्ञान, तकनीक और समाज से जुड़े विषयों को व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाए।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता की सार्थकता केवल बड़ी घटनाओं को सामने लाने में नहीं, बल्कि उन मुद्दों को भी प्रमुखता देने में है, जो आम नागरिक के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं—चाहे वह किसान की फसल का उचित मूल्य हो, गाँव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव हो, किसी सरकारी योजना का क्रियान्वयन हो या किसी जिले की ऐसी खबर, जिसे राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलना चाहिए।

हमारा उद्देश्य

खलिहान न्यूज़ का उद्देश्य एक ऐसे विश्वसनीय, उत्तरदायी और जनोन्मुखी समाचार मंच का निर्माण करना है, जहाँ सूचना के साथ तथ्यों की विश्वसनीयता, विचारों के साथ विवेक और पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकार भी जुड़े हों।

  • सटीक और निष्पक्ष पत्रकारिता: तथ्यों की पुष्टि, संतुलित दृष्टिकोण और समाचारों की विश्वसनीयता को प्राथमिकता देना।
  • किसानों और ग्रामीण भारत की आवाज़: कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को व्यापक विमर्श का हिस्सा बनाना।
  • स्थानीय से राष्ट्रीय तक: देश के विभिन्न राज्यों, जिलों, कस्बों और गाँवों की महत्वपूर्ण खबरों को उचित मंच प्रदान करना।
  • जनहित सर्वोपरि: सरकारी योजनाओं, जनसमस्याओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी उपयोगी जानकारी पाठकों तक पहुँचाना।
  • बदलते समय के साथ संवाद: डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर समाचारों को अधिक सुलभ, उपयोगी और व्यापक बनाना।
  • जवाबदेह पत्रकारिता: तथ्यों, पारदर्शिता और जनहित के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सदैव महत्व देना।

आपकी आवाज़, हमारा मंच

हमारा विश्वास है कि देश की वास्तविक तस्वीर तभी सामने आती है, जब उसके हर हिस्से की आवाज़ सुनी जाए। गाँव की समस्या हो या शहर की चुनौती, किसान की चिंता हो या युवा की आकांक्षा—हर महत्वपूर्ण मुद्दे को अभिव्यक्ति का अवसर मिलना चाहिए।

इसीलिए हम अपने पाठकों, किसानों, ग्रामीण नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे अपने क्षेत्र की खबरें, जनसमस्याएँ, विकास कार्यों की जानकारी, सरकारी योजनाओं से जुड़े अनुभव और जनहित के महत्वपूर्ण विषय हमारे साथ साझा करें।

आपकी भेजी गई सूचनाओं की आवश्यक जाँच-पड़ताल और संपादकीय समीक्षा के बाद, उपयुक्त विषयों को खलिहान न्यूज़ पर स्थान देने का प्रयास किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय मुद्दे अनसुने न रहें और जनहित से जुड़े सवाल जिम्मेदारी के साथ संबंधित मंचों तक पहुँचें।

हमारा संकल्प

खलिहान न्यूज़ के लिए पत्रकारिता केवल खबर प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, जनहित के मुद्दों को सामने लाने और ग्रामीण भारत की वास्तविकताओं को व्यापक पहचान दिलाने का दायित्व है।

वर्ष 2004 में एक मासिक पत्रिका के रूप में आरंभ हुई यह यात्रा आज डिजिटल युग में नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रही है। हमारी कोशिश है कि खलिहान न्यूज़ देश के हर राज्य, हर जिले और हर अंचल तक पहुँचे तथा पाठकों के लिए सूचना, संवाद और जनभागीदारी का एक सार्थक मंच बने।

खलिहान न्यूज़ — गाँव की बात, देश के साथ।

— पारस अमरोही
संस्थापक एवं संपादक
खलिहान न्यूज़ | Khalihannews.com