किसानों को नकली और घटिया इनपुट से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने राजस्थान में मिलावटी बीज और उर्वरकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में जानकारी दी कि अप्रैल 2025 से 8 अगस्त 2025 के बीच राजस्थान में 10,423 छापे मारे गए। इन कार्रवाइयों में 853 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 54 लाइसेंस निलंबित/रद्द किए गए और 53 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

केंद्रीय निरीक्षण दलों ने अलवर और भरतपुर जिलों में उर्वरक अनुपालन की जाँच की, जिसमें रासायनिक, जैविक, नैनो और तरल उर्वरक सहित विभिन्न श्रेणियों को परखा गया।

इसी दौरान, टोंक ज़िले में पिछले दो वर्षों में 424 उर्वरक और 437 बीज नमूने जाँचे गए, जिनमें से 46 उर्वरक और 13 बीज नमूने घटिया पाए गए। इन मामलों में राज्य सरकार ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है और सात-सात केस वर्तमान में अदालत में लंबित हैं।

हालांकि, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और बीज अधिनियम, 1966 के तहत लाइसेंस रद्दीकरण, जुर्माना और कारावास जैसे दंडात्मक प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन अभी तक किसानों को नकली इनपुट से हुए नुकसान पर मुआवज़ा देने का कोई प्रावधान नहीं है।

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