नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की पहली दो महीनों (अप्रैल-मई) के दौरान उर्वरकों की बिक्री में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट), एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) और कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की कुल खपत 58.32 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 51.29 लाख टन थी।

यूरिया और एमओपी की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि
यूरिया की बिक्री 12.5 प्रतिशत बढ़कर 35.79 लाख टन हो गई, जो पिछले वर्ष 31.81 लाख टन थी। एमओपी की बिक्री में सबसे ज्यादा 39.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और यह 2.4 लाख टन पहुंच गई, जो पहले 1.72 लाख टन थी।

कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की मांग में तेजी
कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की बिक्री 37.2 प्रतिशत बढ़कर 12.24 लाख टन रही, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 8.92 लाख टन था। यह उर्वरक नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटाश (K) और सल्फर (S) के पोषक तत्वों का मिश्रण होता है।

डीएपी की मांग में गिरावट
हालांकि, डीएपी की बिक्री में 10.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 7.89 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष 8.84 लाख टन थी। यह गिरावट सरकार द्वारा डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति के बावजूद देखी गई, जबकि दावा किया गया था कि मई महीने में आवश्यकता से लगभग दुगुनी मात्रा में फॉस्फेटिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए।

मांग आगे भी बनी रहने की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र में बेहतर मानसून और बुवाई की तैयारियों को देखते हुए आगामी महीनों में भी उर्वरकों की मजबूत मांग बनी रहेगी।