प्रयागराज के शहर के मुट्ठीगंज मुहल्ले में जन्मे मेजर ध्यानचंद्र की याद में महाकुंभ में किसी चौराहे पर लगाई जाने वाली यह पहली प्रतिमा है।
मिली जानकारी अनुसार महाकुंभ में ऋषि-मुनियों, देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के बीच प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार खेल जगत के नक्षत्र के रूप में मेजर ध्यानचंद्र को भी प्रतिमा के जरिए जीवंत करने जा रही है। देश-दुनिया से आने वाले अतिथियों को संगमनगरी में सबसे पहले हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद्र के दर्शन होंगे। अपने जीवन काल में एक हजार से अधिक गोल दागने वाले ध्यानचंद्र की आदमकद प्रतिमा आईं आई आई टी (ट्रिपलआईटी) चौराहे पर लगा दी गई है। 
इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को करेंगे। मेजर ध्यान चंद्र की आदमकद प्रतिमा इंदौर के मूर्तिकार महेंद्र कोंडवानी ने तैयार की है। कल्चर मार्बल से बनाई गई आठ फीट ऊंची प्रतिमा में मेजर ध्यानचंद्र हॉकी की जादुई स्टिक लिए नजर आएंगे। लोक निर्माण विभाग की ओर से इस प्रतिमा को बनाने का आर्डर प्रसिद्ध मूर्तिकार महेंद्र कोंडवानी को दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि 29 अगस्त को उनकी जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में समेश्वर दत्त सिंह और श्रद्धा सिंह के पुत्र के रूप में उन्होंने जन्म लिया था। ”हॉकी के जादूगर” कहे जाने वाले ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 में भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
