मंगलुरु: केरल सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से संचालित केरल क्लाइमेट रेज़िलिएंट एग्री-वैल्यू चेन मॉडर्नाइजेशन (KERA) परियोजना के तहत देशभर के एग्री-बिज़नेस खिलाड़ियों को केरल की फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों (FPCs) के साथ साझेदारी के लिए आमंत्रित किया है। इस पहल का उद्देश्य केरल के प्रीमियम कृषि उत्पादों को स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ते हुए किसानों को बेहतर मूल्य और सुरक्षित बाज़ार उपलब्ध कराना है।

गुरुवार को मंगलुरु में मीडिया को संबोधित करते हुए सुरेश सी. थम्पी, उप निदेशक (कृषि), केरल सरकार एवं KERA परियोजना के प्रोक्योरमेंट अधिकारी ने कहा कि यह कार्यक्रम सस्टेनेबल मार्केट लिंकज तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित हो सके।

2029 तक 150 प्रोडक्टिव अलायंस का लक्ष्य

थम्पी ने बताया कि KERA परियोजना के तहत 2029 तक तीन चरणों में 150 ‘प्रोडक्टिव अलायंस (PA)’ स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में केरल के उत्तरी जिलों कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम में 50 प्रोडक्टिव अलायंस विकसित किए जाएंगे।

इस पहल के तहत फार्म-आधारित कंपनियों, सुपरमार्केट चेन, निर्यातकों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को आवेदन के लिए आमंत्रित किया गया है।

60% तक अनुदान और तकनीकी सहायता

इस मॉडल में एफपीसी और एग्री-बिज़नेस कंपनियां मिलकर एक प्रोडक्टिव अलायंस बनाएंगी, जो दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा। पात्र अलायंस को कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹2 करोड़ होगी। यह सहायता उत्पादन निवेश और व्यवसाय विकास के लिए प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा, साझेदारों को तीन वर्षों तक विशेषज्ञ तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। कम से कम ₹10 करोड़ वार्षिक टर्नओवर वाली और केरल के किसान समुदायों के साथ काम करने की सिद्ध प्रतिबद्धता रखने वाली कंपनियों को इस परियोजना में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है।

फूड पार्क और एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

थम्पी ने बताया कि केरल के विभिन्न हिस्सों में करीब 70 एकड़ भूमि को फूड पार्क की स्थापना के लिए चिन्हित किया गया है, जिससे वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को मजबूती मिलेगी।

कृषि परिदृश्य में बदलाव की पहल

उन्होंने कहा कि KERA परियोजना का लक्ष्य केरल के कृषि परिदृश्य को जलवायु-लचीला, अधिक प्रतिस्पर्धी और किसानों के लिए लाभकारी बनाना है। यह परियोजना सस्टेनेबल, समावेशी और तकनीक-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से वैल्यू चेन को मजबूत करने और किसानों की आजीविका में सुधार पर केंद्रित है।

जलवायु अनिश्चितताओं और बाज़ार-उन्मुख कृषि विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह परियोजना किसानों, एफपीसी, एग्री-बिज़नेस, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग आधारित इकोसिस्टम विकसित करने पर ज़ोर देती है।

₹2365 करोड़ की KERA परियोजना

KERA परियोजना को ₹2365 करोड़ के कुल बजट के साथ पांच वर्षों के लिए शुरू किया गया है, जिसमें 70 प्रतिशत योगदान विश्व बैंक और शेष केरल सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इसमें से ₹400 करोड़ विशेष रूप से प्रोडक्टिव अलायंस पहल के लिए निर्धारित किए गए हैं।

थम्पी ने बताया कि इससे पहले कोयंबटूर में एग्री-बिज़नेस खिलाड़ियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी और अब इसी कड़ी में मंगलुरु में यह संवाद आयोजित किया गया है।