केन्द्र सरकार ने केंद्र ने देश के प्रत्येक जिले में एक सहकारी बैंक और एक दूध उत्पादक संघ बनाने का लक्ष्य रखा है। साथ ही अगले पांच वर्षों में उन दो लाख पंचायतों में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पीएसीएस) स्थापित करने का भी टारगेट रखा है, जहां कोई सहकारी संस्था नहीं है। वह 102वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी की घोषणा करने के लिए गुजरात सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि इनके इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी बचेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और उन्होंने ‘सहकारी संस्थाओं के बीच सहयोग’ को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि देश में ऐसा कोई राज्य या जिला न हो, जहां व्यवहार्य जिला सहकारी बैंक और व्यवहार्य जिला दूध उत्पादक संघ न हो। आज भी देश में दो लाख पंचायतें ऐसी हैं, जहां कोई सहकारी संस्था नहीं है। अगले पांच साल में हम इन दो लाख पंचायतों में बहुउद्देशीय पैक्स बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र जल्द ही राष्ट्रीय सहकारी नीति लाएगा। उन्होंने कहा कि देश में 1,100 नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए गए हैं और एक लाख से अधिक पैक्स ने नए उपनियमों को स्वीकार किया है।

श्री शाह ने बनासकांठा के चांगडा गांव में महिला डेयरी किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज पर रुपे क्रेडिट कार्ड वितरित वितरित किये। बाद में पंचमहल जिले के महुलिया गांव में एक सहकारी पायलट परियोजना का दौरा किया। उनका गोधरा में पंचामृत डेयरी में राज्य के जिला सहकारी बैंकों और डेयरी के अध्यक्षों से मिलने का भी कार्यक्रम था।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) 2000 करोड़ रुपये के बांड जारी करने के साथ अधिक सहकारी संस्थाओं के कल्याण के लिए काम कर सकेगा। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) और राज्य सहकारी बैंकों से पैक्स और अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए जिला या राज्य सहकारी बैंकों में अपने खाते खोलने की व्यवस्था करने का आग्रह किया, जिससे सहकारी क्षेत्र मजबूत होगा और पूंजी और विश्वास बढ़ेगा। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने और जैविक खेती करने वाले किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड (एनसीओएल) की स्थापना की है।

श्री शाह ने कहा कि हाल ही में एनसीओएल द्वारा भारत ऑर्गेनिक आटा भी लॉन्च किया गया है। अमूल ने भी दिल्ली में ऑर्गेनिक उत्पादों की दुकान शुरू की है। भारत ऑर्गेनिक और अमूल दोनों ही विश्वसनीय और 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक ब्रांड हैं। ऑर्गेनिक उत्पादों पर भारत ब्रांड की मुहर दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से जांच के बाद ही लगाई जाती है। केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और उपभोक्ता सहकारी संस्थाएं भी चार प्रकार की दालों की खरीद 100 प्रतिशत एमएसपी पर करेंगी। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए तीन बहु-राज्य सहकारी संस्थाएं – ऑर्गेनिक समिति, निर्यात समिति और बीज समिति -भी बनाई हैं।