केंद्रीय कृष‍ि कानूनों के ख‍िलाफ आवाज बुलंद करने और उनके व‍िरोध में द‍िल्‍ली के बार्डरों पर प्रदर्शन करने वाले क‍िसानों पर पुल‍िस ने मामला दर्ज क‍िया था| द‍िल्‍ली पुल‍िस की ओर से इस संबंध में 54 मामले दर्ज क‍िए गए थे ज‍िनको अब वापस लेने की कवायद शुरू की गई है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीनों कृष‍ि कानूनों को वापस लेने के बाद पुल‍िस भी इन मामलों को वापस लेने की कार्रवाई में जुट गई है|

जानकारी के मुताब‍िक किसान आंदोलन के दौरान दि‍ल्‍ली पुल‍िस ने 54 एफआईआर दर्ज की थी| इनमें से 17 मामलों को वापस लेने के ल‍िए एक र‍िपोर्ट बनाकर द‍िल्‍ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजी गई थी| इन मामलों को 28 जनवरी, 2022 को भेजा गया था| पुलिस ने अपनी र‍िपोर्ट में उप-राज्यपाल अनिल बैजल को अवगत कराया है क‍ि यह सब वह मामले हैं जोक‍ि वापस ल‍िए जा सकते हैं|

सूत्र बताते हैं क‍ि इससे संबंध‍ित प्रस्‍ताव को उप-राज्यपाल श्री बैजल ने 31 जनवरी, 2022 को दिल्ली सरकार के गृह सचिव को भेज दिया है| बताया जाता है क‍ि होम ड‍िपार्टमेंट की ओर से एक कमेटी का गठन भी क‍िया था| इस संबंध में एक अहम मीट‍िंग भी की जा चुकी है. अब इस पर आख‍िरी फैसला लेने के ल‍िए संबंधि‍त फाइल को गत 16 फरवरी को दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के पास भेज दिया गया है|

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने भी नवंबर 2020 और दिसंबर 2021 के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर भी सहमति जताई थी|

किसानों पर दर्ज जिन मामलों को वापस लिया जाना है, उसमें वो दो मामले भी शामिल हैं, जिसमें पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है| उस दौरान 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक मार्च के दौरान लालकिला समेत राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में किसानों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प भी हुई थी| पुलिस की ओर से इस मामले में पहले 25 केस दर्ज किए गए थे|