बड़वानी जिले में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए कृषि विभाग ने रबी फसलों की बुआई की कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस वर्ष जिले में कुल 1,88,110 हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई की जाएगी। इसमें गेहूं 96,150 हेक्टेयर, चना 36,700 हेक्टेयर, मक्का 41,800 हेक्टेयर और 13,460 हेक्टेयर में अन्य फसलें बोई जाएंगी।
बीज और उर्वरक की स्थिति
जिले में कुल बीज की आवश्यकता 1,04,103 क्विंटल है, जबकि वर्तमान में 96,523 क्विंटल उपलब्ध है। उर्वरक के लिए कुल लक्ष्य 72,100 मीट्रिक टन रखा गया है, जिनमें से 23,350 मीट्रिक टन भंडारित हैं।
गेहूं की प्रमुख किस्में
रबी सीजन में लंबी अवधि में पकने वाली गेहूं की किस्में—एचआई-8759, एचआई-8498, एमपीओ-1106, एचआई-8713, एचआई-8737, एचआई-1605, एचआई-1655 और मध्यम या कम अवधि में पकने वाली किस्में—एचआई-1650, एचआई-1634, एचआई-1636, डीबीडब्ल्यू-303, जीडब्ल्यू-322, जीडब्ल्यू-366, एचआई-1544, जीडब्ल्यू-173, स्वा-1 शामिल हैं। इसके अलावा बायो-फोर्टिफाइड गेहूं की किस्में जैसे एचआई-1650, एचआई-1634, एचआई-1636, डीबीडब्ल्यू-303, एचआई-8830, एचई-8759, डीबीडब्ल्यू-372, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-332 आदि को भी दैनिक उपयोग में शामिल कर कुपोषण और अन्य रोगों को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
चना की प्रमुख किस्में
चना फसल के लिए जिले में प्रमुख किस्में हैं—आरवीजी-204, आरवीजी-203, आरवीजी-202, आरवीजी-205, जेजी-12, जेजी-16, जेजी-36, जेकेआई-9218, जेजी-315, जेजी-21। विगत वर्षों में इन किस्मों का उत्पादन अच्छा रहा है।
किसानों से अपील
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने किसानों से अपील की है कि वे क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी और विकासखंड स्तरीय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर बीज की उपलब्धता की जानकारी लें और उपयुक्त किस्मों की बुआई कर अधिकतम पैदावार सुनिश्चित करें।
इस योजना के जरिए बड़वानी जिले में रबी फसलों की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।