भारत जैसे कृषि प्रधान देश में खाद और उर्वरक किसानों के लिए सबसे अहम जरूरत होती है। समय पर बारिश और उचित पोषण फसल की पैदावार को सीधे प्रभावित करते हैं। बदलते हालात में फसल की बीज किस्में पहले की तुलना में कमजोर हो गई हैं, जिसके कारण DAP (डाय-एमोनियम फॉस्फेट) और यूरिया जैसे खाद की जरूरत और बढ़ गई है।

सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए DAP और यूरिया खाद के दाम घटा दिए हैं और इस पर से GST भी हटा दिया गया है।

DAP और यूरिया क्यों जरूरी हैं?

पहले के समय में बीज मजबूत होते थे और बिना खाद के भी अच्छी पैदावार होती थी। लेकिन आज के दौर में बीज कमजोर होने के कारण नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। DAP और यूरिया जैसे खाद फसलों को भरपूर नाइट्रोजन देते हैं, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ती हैं।

नए रेट (DAP Urea Khad New Rate GST 2025)

DAP (50 किलो बैग):
पहले ₹4,300 का मिलता था, अब भारी गिरावट के बाद ₹1,350 में उपलब्ध है।
सरकार की सब्सिडी लागू होने के बाद किसानों को यह 50 किलो बैग सिर्फ ₹900 में मिलेगा।
इसके लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी आवेदन करना होगा।

 यूरिया (50 किलो बैग):
अब सिर्फ ₹250 में उपलब्ध होगा।
इस पर भी सरकार की ओर से सब्सिडी लागू है।

किसान अपनी जरूरत और फसल के अनुसार DAP या यूरिया खरीद सकते हैं। सरकार का कहना है कि नई दरों और सब्सिडी का उद्देश्य किसानों पर वित्तीय बोझ कम करना और समय पर खाद उपलब्ध कराना है।