गर्मियों में जैसे ही ‘फलों का राजा’ आम बाजारों में छाया, वैसे ही अब उसकी कीमतें तेजी से गिरने लगी हैं। देशभर की मंडियों में आम की भरपूर आवक हो रही है, जिससे दाम नीचे आ गए हैं। उपभोक्ताओं को इसका फायदा जरूर मिल रहा है, लेकिन किसान और व्यापारी इस गिरावट से परेशान हैं।
आम हो गया सस्ता, उपभोक्ताओं को राहत
उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में इस बार आम की जबरदस्त पैदावार हुई है। इसी वजह से मंडियों में दशहरी, लंगड़ा और बादामी जैसी किस्में बड़ी मात्रा में पहुंच रही हैं।
•जयपुर, दिल्ली और रांची जैसे शहरों में आम अब सस्ते दामों पर मिल रहा है।
•पहले जो आम 80-100 रुपये किलो था, अब वह कई जगहों पर 40-60 रुपये किलो में बिक रहा है।
किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ीं
जहां ग्राहक आम का स्वाद सस्ते में ले रहे हैं, वहीं किसानों को कम दाम मिलने से नुकसान हो रहा है।
•थोक मंडियों में आम का रेट 30-35 रुपये किलो तक आ गया है।
•कई किसानों की पूरी आजीविका आम की खेती पर ही टिकी है, लेकिन अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
मंडियों में क्या हैं ताज़ा रेट?
18 जून को महाराष्ट्र की कुछ प्रमुख मंडियों में आम का भाव:
मंडी न्यूनतम अधिकतम मॉडल रेट
मुंबई ₹8000 ₹25000 ₹16500
भुसावल ₹4000 ₹4500 ₹4200
नागपुर ₹2000 ₹3200 ₹2900
राजस्थान की मंडियों में आम का ताज़ा रेट:
मंडी न्यूनतम अधिकतम मॉडल रेट
जयपुर ₹2000 ₹5000 ₹3500
अजमेर ₹2000 ₹4600 ₹3300
जोधपुर ₹2000 ₹4500 ₹3250
उत्तर प्रदेश की मंडियों का हाल:
मंडी न्यूनतम अधिकतम मॉडल रेट
अलीगढ़ ₹3260 ₹3400 ₹3350
इलाहाबाद ₹3200 ₹3300 ₹3270
बाराबंकी ₹2450 ₹2550 ₹2500
गाजीपुर ₹3800 ₹4000 ₹3920
मौसम और खराब फसल ने भी डाला असर
इस बार मौसम की मार और बागों की उम्र बढ़ने के कारण फसल की गुणवत्ता भी कुछ जगहों पर प्रभावित हुई है।
•ज्यादा आवक के चलते मंडियों में आम के सड़ने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
•पिछले साल के मुकाबले दाम बहुत कम हैं, जिससे किसानों की मेहनत का पूरा मोल नहीं मिल पा रहा।
क्या करें किसान?
•सरकार से मांग हो रही है कि आम किसानों को उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाए।
•भंडारण और प्रोसेसिंग की व्यवस्था बेहतर हो, ताकि फसल को खराब होने से बचाया जा सके।