अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के लुंगला उपखंड के फोमेंग और ख्लेटेंग गांवों में फिंगर मिलेट फील्ड डेज़ और किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए। यह आयोजन आईसीएआर–विवेकानंद पर्वत्य कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस), अल्मोड़ा द्वारा, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) तवांग के सहयोग से आईसीएआर के एनईएच कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया।
इस पहल का उद्देश्य उन्नत बाजरे की प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना और किसान-से-किसान ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में बोलते हुए आईसीएआर-वीपीकेएएस के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डी.सी. जोशी ने नई किस्म वीएल मंडुआ 376 और वीएल मिलेट थ्रेशर की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्थानीय किसानों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन किए और आसपास के गांवों में बीज वितरण भी किया। इससे वर्ष 2025 में वीएल मंडुआ 376 किस्म का तेजी से प्रसार संभव हुआ।
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