किसानों की समृद्धि और सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार ने नई कृषि और उद्यानिकी नीतियों की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, उत्पादन बढ़ाना और राज्य को सतत कृषि विकास के मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
मुख्य उपलब्धियां
उपमुख्यमंत्री चोना मेन ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा ऑर्गेनिक कीवी उत्पादक बन चुका है। साथ ही, राज्य ने संतरे और इलायची की खेती में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि रोइंग और रुकसिन में पाम ऑयल मिलों की स्थापना की जा रही है, जो भारत में अपनी तरह की पहली पहल है।
कृषि उत्पादन का आंकड़ा
•राज्य में हर साल 5.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और 15,000 मीट्रिक टन दालों का उत्पादन किया जाता है।
•पिछले नौ वर्षों में 20,900 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जोड़ी गई है, जिससे कृषि आधार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
नई नीतियों के लक्ष्य
•सतत खेती पद्धतियों को प्राथमिकता देना।
•आधुनिक तकनीकों को अपनाना और
•किसानों के लिए मजबूत बाजार संपर्क (Market Linkages) स्थापित करना।
उपमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हमारा संकल्प है कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को बदलकर हर किसान तक समृद्धि पहुँचाई जाए।”