पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) ने राज्य के बाढ़ प्रभावित किसानों को आगामी रबी सीजन के लिए सब्सिडी वाले गेहूं के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कदम किसानों की बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि बाढ़ से उनकी धान की फसल के साथ-साथ घरों में सुरक्षित रखे गेहूं के बीज भी नष्ट हो गए हैं।

पीएयू के कुलपति सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि बाढ़ से लगभग 2 लाख हेक्टेयर (4.90 लाख एकड़) कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इस आपदा ने धान की खड़ी फसल के साथ-साथ किसानों के पास उपलब्ध गेहूं के बीज भी नष्ट कर दिए हैं, जिससे राज्य की गेहूं उत्पादन क्षमता पर असर पड़ सकता है।

एक अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अब तक लगभग 31,000 क्विंटल गेहूं बीज एकत्र किए हैं। हालांकि, सरकार के साथ इन बीजों के वितरण की प्रक्रिया और तौर-तरीकों पर अभी चर्चा चल रही है।

गोसल ने कहा, “यह किसानों के प्रति एकजुटता का कदम है। हम चाहते हैं कि किसानों को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हों ताकि अगली फसल प्रभावित न हो। विश्वविद्यालय के कर्मचारी भी इसमें आर्थिक योगदान देंगे।”

विश्वविद्यालय की योजना है कि इन बीजों का वितरण पूरे राज्य में स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा, पीएयू ने हाल ही में बाढ़ से नुकसान कम करने के लिए किसानों को परामर्श और आपातकालीन योजना भी जारी की थी।