जिले में उर्वरक की काला बाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को व्यापक अभियान चलाया। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर तीनों तहसीलों में गठित विशेष टीमों ने थोक और खुदरा उर्वरक दुकानों पर एक साथ छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान चार नमूने सीज किए गए और अनियमितता मिलने पर तीन सहकारी समितियों को नोटिस जारी किया गया।
कई दुकानों पर रेट बोर्ड–स्टॉक बोर्ड गायब, कुछ केंद्र बंद मिले
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में 12 दुकानों और सहकारी समितियों का निरीक्षण किया गया।
जाँच में सामने आए प्रमुख तथ्य:
•कई दुकानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे
•कई केंद्र बिना सूचना बंद पाए गए
•कई दुकानों पर भौतिक स्टॉक और रजिस्टर में अंतर मिला
कहाँ से लिए गए नमूने, किन्हें भेजा गया नोटिस
•सिंहपुर बी-पैक्स: स्टॉक रजिस्टर और प्रदर्शित बोर्ड में गड़बड़ी;
→ डीएपी और एनपीके के दो नमूने सीज, नोटिस जारी
•अमवा शिवपुरा बी-पैक्स व चकवा बी-पैक्स: निरीक्षण के समय पूरी तरह बंद, नोटिस जारी
•वैभव ट्रेडर्स, हरैया सतघरवा और प्रमोद कुमार, अड़रपाकड़: दोनों स्थानों पर भौतिक स्टॉक शून्य मिला
•एयूएसएसएस केंद्र, हसुआडोल: एसएसपी और एनपीके के दो नमूने लिए गए
समस्त नमूनों को जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।
जिला कृषि अधिकारी की चेतावनी
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट कहा:
“उर्वरक की काला बाजारी, जमाखोरी और अधिक दाम पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”