हरियाणा में लगातार दो बार से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। पार्टी तीसरी बार भी सत्ता में आने के लिए बिसात बिछाकर मोहरे सजा रही है। इस बार भाजपा ने ब्राह्मण और पंजाबी वोटरों पर फोकस करते हुए अपनी जीत का दावा किया है। हरियाणा में पांच अक्टूबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी। सारे नतीजे आठ को ही आ जायेंगे।

हरियाणा में टिकटों के वितरण में भारतीय जनता पार्टी ने गैर-जाट राजनीति को आगे बढ़ाते हुए भाजपा ने पिछले चुनावों के मुकाबले जाट कोटा इस बार घटा दिया है। 2019 के चुनावों में 20 से अधिक जाट नेताओं को चुनाव लड़वाया गया था। इस बार भाजपा ने 16 ही विधानसभा क्षेत्रों में जाट उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं ब्राह्मण व पंजाबी कोटे में बढ़ोतरी है।

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार 11 विधानसभा क्षेत्रों में में में पंजाबी नेताओं पर पार्टी ने भरोसा जताया है। 2019 के चुनावों के मुकाबले वैश्य बिरादरी को इस बार कम सीटें मिली हैं। पांच ही बनियों को पार्टी ने टिकट दिया है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सभी 17 सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। वहीं ओबीसी वोट बैंक को साधते हुए 18 क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के नेताओं को टिकट मिला है।

हरियाणा के राजपूत वोट बैंक को अपने साथ जोड़े रखने के लिए भी भाजपा ने इस बार राजपूत कोटे को बढ़ा दिया है। रादौर से पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा को पहले ही टिकट दिया जा चुका है। दूसरी लिस्ट में असंध से करनाल जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा को उम्मीदवार बनाया है। सोहना विधायक व नायब सरकार में राज्य मंत्री संजय सिंह की टिकट पहली लिस्ट में कट गई थी, लेकिन राजपूत कोटे से अब संजय सिंह को नूंह से टिकट दिया है। मुस्लिम बाहुल्य इस सीट पर भाजपा ने हिंदू कार्ड खेला है। वहीं पिहोवा से सिख की टिकट कटने के बाद यह कोटा डबवाली में सरदार बलदेव सिंह मांगीयाना के रूप में पूरा कर दिया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बाद सैनी कोटे से पूर्व विधायक डॉ़ पवन सैनी दूसरे उम्मीदवार होंगे, जिन्हें पार्टी ने टिकट दिया है। उन्हें नारायणगढ़ से प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा के कुल 17 ओबीसी प्रत्याशियों में छह यादव और पांच गुर्जर भी शामिल हैं। बिश्नोई कोटे से आदमपुर में भव्य बिश्नोई और फतेहाबाद में दूड़ाराम बिश्नोई को पहले ही प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। घरौंडा से हरविंद्र कल्याण और पूंडरी सीट से सतपाल जाम्बा को टिकट देकर रोड़ समुदाय को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया है।