किसान नेता सरवन सिंह पंढेर शुक्रवार को मुक्तसर साहिब जेल से रिहा कर दिया गया है पटियाला, मुक्तसर, नाभा और फरीदकोट समेत तमाम जेलों से किसान नेताओं को रिहा किया गया है। गिरफ्तार नेताओं को सुबह (3 बजे) रिहा किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आज 28 मार्च को दमन के खिलाफ डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।

गौरतलब है कि किसान मजदूर मोर्चा और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) ने भी इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की घोषणा की है। पंजाब के कई न्याय चाहने वाले संगठन भी अपना समर्थन दे रहे हैं।

पटियाला की सेंट्रल जेल और नाभा की नई जिला जेल से सोमवार देर रात करीब 202 किसानों को रिहा कर दिया गया। पटियाला जेल से करीब 70 और नाभा जेल से 132 किसानों को रिहा किया गया है। इससे पहले दिन में आईजीपी (हेडक्वार्टर) सुखचैन सिंह गिल ने बयान दिया था कि हिरासत में लिए किसानों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा।

दरअसल 19 मार्च को केंद्र के साथ बैठक करके वापस लौटते किसान नेताओं सरवन सिंह पंधेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई बड़े किसान नेताओं को पुलिस ने रास्ते में हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने बॉर्डरों का रुख किया था, वहां पुलिस ने जबरदस्त एक्शन करते सैकड़ों की संख्या में किसानों को गिरफ्तार करके उनके द्वारा बॉर्डरों पर किए निर्माणों को ढहा दिया था। तब से पंजाब सरकार व पुलिस प्रशासन लगातार विरोधियों के निशाने पर थे। विरोधियों की ओर से लगातार किसानों के रिहाई की मांग की जा रही थी।

जिस शंभू बाॅर्डर पर ढाई किलोमीटर के एरिया में किसानों ने पूरी एक टेंट सिटी बसा ली थी। जहां उनकी जरूरत का हर सामान उपलब्ध था। किसानों ने अपने अस्थायी घरों से लेकर दफ्तर, लंगर हाॅल, स्टोर रूम, शौचालय तक बना लिए थे, अब वहां पुलिस एक्शन के बाद टूटे टेंट, बिखरा सामान, मलबे के ढेर व चारों तरफ सन्नाटा पसरा है।