केंद्र सरकार ने संसद में देश की खातिर शहीद हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स (AR) के सैनिकों की संख्या के बारे में जानकारी दी|
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में बताया कि पिछले पांच सालों (2016 से 2020) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 209 सैनिकों ने देश के खातिर बलिदान दिया| इसमें साल 2018 में सबसे अधिक 60 सैनिक शहीद हुए हैं. 2016 में 43, 2017 में 52, 2018 में 28 और 2020 में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हुए|

पिछले पांच सालों में सीमा सुरक्ष बल (BSF) के 78 जवान शहीद हुए| इसमें सबसे अधिक साल 2018 में 23 जवानों की शहादत हुई. इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 16 जवान शहीद हुए. इसमें सबसे अधिक 6 जवान 2018 में शरीद हुए|

इसी तरह पिछले पांच साल में सशस्त्र सीमा बल (SSB) आठ जवानों की शहादत हुई| केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सात जवान शहीद हुए और साल 2019 में सबसे अधिक चार जवानों की शहादत हुई|
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पांच सालों में असम राइफल्स के 37 देश की सुरक्षा की खातिर शहीद हो गए हैं| इनमें सबसे अधिक 9 जवान साल 2016 में शहीद हुए. इस तरह पिछले पांच सालों में CAPF के कुल 355 जवानों की शहादत हुई| इसमें सबसे अधिक साल 2019 में 88 जवानों की शहादत हुई|
इसी तरह 2016 और 2017 में क्रमश: 76, 2018 में 67 और 2020 में 48 जवान शहीद हुए|