नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए इस सीजन में गेहूं खरीद लक्ष्य में 15% की बढ़ोतरी की है। अब कुल खरीद लक्ष्य 30 मिलियन टन से बढ़ाकर 34.5 मिलियन टन कर दिया गया है।

केंद्रीय खाद्य सचिव संजिव चोपड़ा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला राज्यों की मांग और फसल को हुए नुकसान को ध्यान में रखकर लिया गया है।

राज्यों में बढ़ा खरीद लक्ष्य

सरकार ने विभिन्न राज्यों के लिए गेहूं खरीद अनुमान भी बढ़ाया है:

  • मध्य प्रदेश: 7.8 से बढ़कर 10 मिलियन टन
  • उत्तर प्रदेश: 1 से बढ़कर 2.5 मिलियन टन
  • राजस्थान: 2 से बढ़कर 2.35 मिलियन टन
  • उत्तराखंड: 1,000 टन से बढ़कर 5,000 टन
  • दिल्ली: 3 साल बाद फिर से खरीद शुरू

गुणवत्ता मानकों में ढील

सरकार ने पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में भी ढील दी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों से खरीद सुनिश्चित की जा सके।

स्टॉक स्थिति होगी मजबूत

इस बढ़ी हुई खरीद से 2026-27 के लिए शुरुआती गेहूं स्टॉक (लगभग 22 मिलियन टन) और मजबूत होगा।

  • कुल उपलब्धता: करीब 56.5 मिलियन टन
  • PDS जरूरत: अधिकतम 20 मिलियन टन
  • संभावित क्लोजिंग स्टॉक: 30–35 मिलियन टन
  • बफर आवश्यकता: लगभग 7.5 मिलियन टन

इससे संकेत मिलता है कि देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार रहेगा।

उत्पादन अनुमान में कमी

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण 2025-26 में गेहूं उत्पादन प्रभावित हुआ है।

  • अनुमानित उत्पादन: 110–120 मिलियन टन
  • पहले का अनुमान: 120.21 मिलियन टन
  • 2024-25 उत्पादन: 117.94 मिलियन टन

एग्रीवॉच सर्वे के अनुसार उत्पादन करीब 110.65 मिलियन टन रहने की संभावना है।

रकबा बढ़ने से नुकसान की भरपाई

विशेषज्ञों का कहना है कि उपज में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन अधिक बुवाई क्षेत्र के कारण कुल उत्पादन में बड़ी गिरावट नहीं आई।