मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार के मंत्रीगण प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में जाकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री (जलशक्ति) स्वतंत्र देव सिंह ने चित्रकूट और बांदा का दौरा किया, जबकि राज्यमंत्री (जलशक्ति) रामकेश निषाद ने ललितपुर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावितों से संवाद और राहत किट वितरण
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को चित्रकूट के रामघाट पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित दुकानदारों, व्यापारियों और किसानों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षतिग्रस्त दुकान, प्रतिष्ठान और घर का सर्वे कर शीघ्र रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि पीड़ितों को तुरंत राहत राशि प्रदान की जा सके। इस दौरान उन्होंने राहत किट वितरित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हो और दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की महामारी की स्थिति उत्पन्न न हो।
बांदा में यमुना के जल प्रवाह और संभावित बाढ़ पर नजर
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बांदा के चिल्लाघाट स्थित मदनपुर पम्प नहर तट से यमुना नदी के जल प्रवाह का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यमुना और केन नदियों के जलस्तर पर सतत निगरानी रखने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कार्य समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा सामग्री, नावों और बचाव दल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि संभावित खतरे को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे।
ललितपुर में राज्यमंत्री का डोर-टू-डोर निरीक्षण
राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने मंगलवार को ललितपुर के महरौनी तहसील के ग्राम पड़ंवा में पैदल चलकर डोर-टू-डोर जाकर प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत की और मकानों एवं फसलों की क्षति का स्थलीय सत्यापन किया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामवार सर्वे कर रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने तालाब के कटाव से बाधित बानपुर-चकौरा संपर्क मार्ग का निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग को त्वरित मरम्मत कर आवागमन सुचारू कराने के आदेश दिए।
गोविन्द सागर बांध और आपदा तंत्र की समीक्षा
राज्यमंत्री ने नगर क्षेत्र स्थित गोविन्द सागर बांध का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से बांध की क्षमता, जलस्तर और जल निकासी की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बांधों और तालाबों को निर्धारित सीमा से अधिक न भरा जाए तथा जल निकासी से पूर्व मुनादी, सायरन और सोशल मीडिया के माध्यम से समय से पूर्व सूचना लोगों तक पहुंचाई जाए।
सरकार का संकल्प
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी जलस्रोतों की सतत निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता, बाढ़ चौकियों की स्थापना, राशन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध राहत पहुंचाई जाए और संभावित खतरों को समय रहते टाला जा सके।