मुकेश राजपूत /बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर में तहसील स्याना क्षेत्र के गांव इशनपुर में विदेशी फल ड्रैगन फ्रूट की खेती कर किसान ने नया आयाम स्थापित कर दिया है। तथा किस को ड्रैगन फ्रूट की खेती करने पर लाखों रुपए की आमदनी भी हो रही है किसान पुष्पेंद्र अपने करीब 5 बीघा खेत में पिछले करीब 3 वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर ड्रैगन फ्रूट को उग रहे हैं। सरकारी नीतियों और कृषि वैज्ञानिकों के प्रोत्साहन के चलते किसान अब पारंपरिक खेती का रास्ता छोड़कर अन्य फसलों पर ध्यान देने लगे हैं।इसी क्रम में स्याना तहसील क्षेत्र के एक युवा किसान कृषि विधीकरण की इसी सोच के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं।खानपुर क्षेत्र के गांव ईशनपुर निवासी पुष्पेंद्र का कहना है कि कोरोना काल में गुजर बसर करने के लिए भारी परेशानी का सामना किया था। इसी बीच उन्होंने आपदा को अवसर मानते हुए थाईलैंड से ड्रैगन फ्रूट की ऑनलाइन पौध मंगा कर एक एकड़ जमीन में फल बनाकर इसके चारों तरफ पौधे रौप दिए। पुष्पेंद्र ने बताया कि बाजार में ड्रैगन फ्रूट की कीमत 250 से ₹300 प्रति किलो है। वह इन फलों को दिल्ली की आजादपुर मंडी में बेचते है। प्रति बीघा फसल से 2 लाख की कमाई हो जाती है। *गुणों से भरपूर है ड्रैगन फ्रूट*ड्रैगन फ्रूट में कैल्शियम, फास्फोरस और पर्याप्त विटामिन सी पाया जाता है। एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरस गुना के कारण वायरस संक्रमण से भी बचाने में मददगार साबित होता है। होटल में इसका प्रयोग सलाद के रूप में अधिक मात्रा में किया जाता है। स्ट्रॉबेरी की तरह दिखने वाला यह फल कैक्टस प्रजाति का है। पानी की कम जरूरत वाली यह फसल रेतीली मिट्टी में की जाती है। 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है । एक बार लगाया गया पौधा लगभग 20 से 25 साल तक फल देता रहता है।*एक बीघा में आमदनी*प्रति पौधे पर लगने वाले फल 2 से 3 किलो।500 पौधों से उत्पादन 1250 किलोफलों की कीमत 3 3 7500(270 रुपये प्रति किलो की दर से)