वाराणासी के क‍िसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसलों का बीमा कराया था. बेमौसम बार‍िश में जब क‍िसानों की फसल खराब हुई तो क‍िसानों ने मुआवजे के ल‍िए आवेदन क‍िया तो बीमा कंपनी ने मुआवजा देने के बजाय बीमा का प्रीम‍ियम ही क‍िसानोंं के खातों में लौटा द‍िया | इस संबंध की श‍िकायत करने के बाद ज‍िला प्रशासन हरकत में आ गया है | जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है |

वाराणसी जनपद में बेमौसम बारिश के बाद जिला कृषि अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम केंद्र ने किसान की फसल को नुकसान का सर्वे किया | इस सर्वे में 23885 किसानों किस फसल को नुकसान बताया गया, जिनमें 12339 किसान फसल बीमा का प्रीमियम जमा करने वाले भी शामिल है, लेक‍िन इनमें से 1856 क‍िसानों को बीमा कंपनी अब मुआवजा देने से मना कर रही है |

क्षेत्र में रबी की फसल के लिए 15000 से ज्यादा किसानों ने आवेदन किया था, जिसमें 12399 किसानों ने फसल बीमा का प्रीमियम जमा किया | HDFC एग्रो नाम की बीमा कंपनी को वाराणसी क्षेत्र आंवट‍ित है, ज‍िसके तहत क‍िसानों को 1.5 फ़ीसदी प्रीमियम चुका कर रबी फसलों का बीमा कराया था | फसल खराब होने पर जब क‍िसानों ने मुआवजे के ल‍िए आवेदन कि‍या तो बीमा कंपनी ने ज‍िला कृष‍ि अध‍िकारी को क‍िसानों की सूची सौंपी, उसमें 1856 किसानों के नाम नहीं थे | तो वहीं बीमा कंपनी ने चुपचाप प्रीम‍ियम का पैसा क‍िसानों के बैंक खातों में वापस भेज द‍िया |

बेमौसम बारिश से फसल को हुए नुकसान के बाद 72 घंटे के भीतर 2292 किसानों ने फसल सुरक्षा बीमा के तहत क्षतिपूर्ति का दावा किया है | इनमें से 1703 आवेदन ऑफलाइन और 589 आवेदन ऑनलाइन किसानों के प्राप्त हुए हैं |