पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ढालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि अब राज्य के स्कूलों में छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल डिज़ाइन और कृषि जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों को हुनर सिख्या प्रोग्राम के तहत असली दुनिया के कामकाज से जोड़ने की पहल शुरू हो चुकी है।
स्कूल बैग से स्किल बैग तक का सफर
डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि कक्षाओं 6 से 8 तक के छात्र जल्द ही 10-दिन के “बैगलेस इंटर्नशिप” में हिस्सा लेंगे। इसके तहत छात्र स्थानीय खेतों, दर्जी की दुकानों, मैकेनिक वर्कशॉप्स, हेल्थ सेंटर्स और डिजिटल लैब्स में जाकर वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करेंगे।
ये विषय भी बनेंगे स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा
अब स्कूलों में डिजिटल डिज़ाइन, आईटी, एआई, कृषि, हेल्थकेयर, ब्यूटी एंड वेलनेस, बिजनेस फाइनेंस, सिक्योरिटी एंड इंश्योरेंस जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को हर पेशे का सम्मान करना सिखाना है—चाहे वह खेती हो या कोडिंग।
2025 तक करियर गाइडेंस ऐप भी मिलेगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कंसल्टेंट समीर डैनियल ने पंजाब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों को 2025 से करियर गाइडेंस ऐप भी मिलेगा, जिससे उन्हें भविष्य की राह तय करने में मदद मिलेगी।
गांव से शहर तक हर बच्चे को फायदा
यह पहल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य के हर जिले, हर गांव, कस्बे और सीमा क्षेत्र के स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय उद्योगों को भी स्कूलों से जोड़ा जाएगा ताकि छात्रों को अपने ही शहरों में प्रशिक्षित किया जा सके।
शिक्षकों को भी मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
PSEB शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करेगा ताकि वे छात्रों के लिए करियर गाइड, प्रोजेक्ट मेंटर्स और स्किल एनाब्लर्स की भूमिका निभा सकें। इससे छात्रों को न केवल वास्तविक दुनिया की समझ मिलेगी, बल्कि वे जीवन कौशल भी सीख सकेंगे।