आंध्र प्रदेश के ‘टोटापुरी’ आम किसानों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 1,62,500 मीट्रिक टन आमों के लिए मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) को मंजूरी दी है। यह योजना बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत लागू की जाएगी।
यह निर्णय तब आया जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए सहयोगी चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर किसानों की मदद के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
यह योजना चित्तूर, तिरुपति और अन्नमय्या जिलों के किसानों को फायदा पहुंचाएगी, जहां बंपर पैदावार के कारण ‘टोटापुरी’ आमों के दाम अचानक गिर गए हैं।
क्या है योजना?
•केंद्र ने ‘टोटापुरी’ आम के लिए फ्लोर प्राइस ₹1,490.73 प्रति क्विंटल (यानी करीब ₹15 प्रति किलो) तय किया है।
•यदि किसानों को बाजार में इससे कम कीमत मिलती है, तो सरकार सीधे उनके बैंक खातों में अधिकतम ₹372.68 प्रति क्विंटल (₹3.73 प्रति किलो) अंतर राशि जमा करेगी।
•यह राहत कुल 1,62,500 टन आमों तक सीमित रहेगी, जो इन जिलों में कुल उत्पादन का 25% है।
•इस राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार 50-50 हिस्सेदारी में करेंगी।
कब और कैसे मिलेगा फायदा?
•यह योजना खरीफ 2025-26 सीजन के लिए 30 दिनों तक प्रभावी रहेगी।
•किसानों को इसका लाभ लेने के लिए अपनी उपज उन व्यापारियों या प्रोसेसिंग यूनिट्स को बेचनी होगी, जिन्हें जिला कलेक्टर द्वारा अधिकृत किया गया है।
•बिक्री मूल्य और फ्लोर प्राइस के बीच का अंतर राज्य सरकार के Agmarknet पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
केंद्र सरकार का कहना है कि यह योजना बाजार की अस्थिरता से बचाने और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को मजबूती देने में मदद करेगी।
इससे पहले, जून में केंद्र ने कर्नाटक में 2.5 लाख मीट्रिक टन आमों के लिए इसी तरह की PDPS योजना को मंजूरी दी थी, जिसमें फ्लोर प्राइस ₹1,616 प्रति क्विंटल तय किया गया था।