आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में किसान यदि यूरिया के उपयोग को कम करेंगे तो उन्हें प्रति बैग ₹800 का प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह कदम किसानों को संतुलित खाद उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को अमरावती में कलेक्टर्स’ कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सब्सिडी पीएम प्रणाम योजना के तहत सीधे किसानों को दी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में यूरिया की कमी नहीं है, लेकिन किसानों तक इसकी समय पर और योजनाबद्ध आपूर्ति जरूरी है।

संतुलित खाद उपयोग पर जोर

नायडू ने कहा कि यूरिया लंबे समय से खेती का अहम हिस्सा रहा है, लेकिन इसके अधिक प्रयोग ने मिट्टी के स्वास्थ्य और उत्पादकता पर नकारात्मक असर डाला है। उन्होंने कहा,
“यह पहल सिर्फ कमी को दूर करने के लिए नहीं, बल्कि हमारे किसानों को अधिक वैज्ञानिक और संतुलित खाद उपयोग की ओर मार्गदर्शन करने के लिए है।”

उन्होंने चीन द्वारा रासायनिक अवशेषों के कारण भारतीय मिर्च के खेप को अस्वीकार किए जाने और पंजाब में कैंसर के मामलों की उच्च दर का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि आंध्र प्रदेश, जो वर्तमान में कैंसर मामलों में पांचवें स्थान पर है, भी इसी खतरे का सामना कर सकता है।

जागरूकता और वैकल्पिक खाद की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने तत्काल जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को अधिक खाद और कीटनाशक उपयोग के खतरों के बारे में बताया जा सके। राज्य सरकार के अनुसार यह प्रोत्साहन योजना किसानों को यूरिया पर अत्यधिक निर्भरता से हटाकर जटिल उर्वरकों, जैव उर्वरकों और जैविक खाद जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

अधिकारियों ने कहा कि पात्रता, वितरण और निगरानी के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। कृषि विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे “समय पर उठाया गया कदम” बताया, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को वैकल्पिक खादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी और किसानों को सही दिशा में ले जाने के लिए विस्तार सेवाओं को मजबूत करना होगा।