पंजाब में खेत जोतता हुआ ट्रैक्टर कोई नई बात नहीं है। लेकिन बिना ड्राइवर के खेत जोतता ट्रैक्टर जरूर चौंकाने वाला नजारा है। सोमवार को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) ने अपने रिसर्च फार्म पर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित ऑटो-स्टियरिंग सिस्टम का लाइव डेमो देकर यह करिश्मा कर दिखाया।
कुलवेटर से जुड़ा हुआ यह ट्रैक्टर खेत में खुद-ब-खुद चलकर मिट्टी पलटता गया और मोड़ों को भी आसानी से पार करता रहा। इस नजारे को देख रहे लोग खुशी से झूम उठे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.एस. गोसल ने इस डेमो को “पारंपरिक खेती से डिजिटल, प्रिसीजन-बेस्ड एग्रीकल्चर की ओर PAU का ऐतिहासिक कदम” बताया।
उन्होंने कहा कि यह GNSS आधारित सिस्टम ट्रैक्टर को ड्राइवरलेस चलने में सक्षम बनाता है। यह कंप्यूटर-कंट्रोल्ड सिस्टम सिग्नल रिसीवर, सेंसर्स और कैमरों के जरिये खेत में सटीक दिशा में ट्रैक्टर को चलाता है, जिससे किसान का शारीरिक श्रम भी कम होता है।
यह सिस्टम मल्टी-सैटेलाइट सिग्नल्स, सेंसर्स और टचस्क्रीन कंट्रोल कंसोल के जरिये ट्रैक्टर को तयशुदा पथ पर सटीकता से चलाता है। कम रोशनी में भी यह समान गति और दिशा बनाए रखता है, जिससे थकावट, ओवरलैप और मिस्ड एरिया जैसी समस्याएं घटती हैं।
डॉ. गोसल ने बताया कि PAU के ट्रायल्स में इस सिस्टम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मैनुअल स्टियरिंग में खेती के औजार जैसे डिस्क हैरो, रोटावेटर और स्मार्ट सीडर के साथ 3-12% ओवरलैप देखा गया, जबकि ऑटो-स्टियरिंग के साथ यह घटकर लगभग 1% रह गया। मिस्ड एरिया भी 2-7% से घटकर 1% से नीचे आ गया। ±3 सेमी की पास-टू-पास एक्यूरेसी ने संसाधनों के बेहतर उपयोग और फसल की स्थिरता में मदद की।
डॉ. अजमेर सिंह ढट (निदेशक, रिसर्च) ने कहा कि मशीन लर्निंग, सेंसर नेटवर्क और नेविगेशन टेक्नोलॉजीज जैसे इनोवेशन बढ़ती लागत और घटते संसाधनों के बीच खेती का भविष्य हैं। डॉ. ऋषि पाल सिंह (रजिस्ट्रार, PAU) ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटियाला में PAU का सेंसिंग-बेस्ड रिमोट कंट्रोल धान रोपण मशीन खुद ऑपरेट कर राष्ट्रीय स्तर पर इसे सराहा।
डॉ. मंजीत सिंह (डीन, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) ने बताया कि यह रिमोट-कंट्रोल धान रोपण मशीन किसानों को छायादार स्थान से काम करने की सुविधा देती है, जिससे गर्मी और नमी में काम करने का झंझट खत्म होता है। यह तकनीक 12% अधिक फील्ड कैपेसिटी, 85% कम