संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा की अगुवाई में पंजाब बंद बुलाया गया बंद सुबह सात बजे से चार बजे तक रहा। इस दौरान मेडिकल केयर सहित जरूरी सेवाएं जारी रहीं। दूसरी तरफ किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का अनशन 34 वें दिन भी जारी रहा।
आज के पंजाब बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी समेत कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन किया है। एक किसान नेता का कहना है कि पंजाब बंद के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं । इसके अलावा किसी शादी समारोह में जाने वाले व्यक्ति व परिवार को नहीं रोका गया पंजाब में सर्दी की छुट्टी के चलते पहले ही स्कूल बंद है। पंजाब यूनिवर्सिटी ने बंद के चलते परीक्षाओं को सोमवार की जगह मंगलवार को कराने का फैसला लिया है। बस सेवाओं से जुड़े संगठनों की तरफ से बताया गया है कि सोमवार शाम चार बजे के बाद सेवाएं बहाल कर दी गयीं।
पंजाब में आज किसानों का बंद रहा। किसानों के पंजाब बंद का बड़ा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। किसानों के प्रदर्शन की वजह से 221 ट्रेनें या तो रद्द हो गई हैं या उनका रूट डाइवर्ट किया गया ।
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा की अगुवाई में बंद बुलाया गया था ।यह बंद सुबह सात बजे से चार बजे तक रहा। इस दौरान मेडिकल केयर सहित जरूरी सेवाएं जारी रहीं। फसलों की एमएसपी के गारंटी कानून समेत 13 मांगों को लेकर किसानों के आंदोलन के समर्थन में आज पंजाब बंद असरदार रहा।
पंजाब बंद को सफल मानने का कारण यह रह सकता है कि उनका उदेश्य अगर ट्रेन और बसों की रफ्तार को रोकना था, अगर उनका उदेश्य चक्का जाम करना था, ऐसा करने में वे सफल रहे हैं। बंद के दौरान कई सड़कें ब्लॉक दिखाई दीं, बंद के दौरान लंबे जाम दिखाई पड़े, इसके ऊपर जिस तरह से 150 ट्रेनें कैंसिल हुईं, उसने भी बंद का असर साफ दिखा दिया। मिली जानकारी अनुसार बरनाला जिले में किसानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से बाजार बंद दिखे। इसके ऊपर रेल और बस सेवा भी इलाके में प्रभावित दिखाई दी। इसके ऊपर चंडीगढ़ बठिंडा नेशनल हाईवे, बरनाला-लुधियाना हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह बंद रही। जब चंडीगढ़-जालंधर हाईवे के हालात देखे गए तो वहां भी धरने का असर देखने को मिल गया। कुराली में तो किसान बीच सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। जमीन पर पुलिस तैनात रही, लेकिन वाहन चालकों को खासा चुनौतियों का सामना करना पड़ा, कई जगहों पर रूट डायवर्जन भी देखने को मिला।