उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद अचानक 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से श्रावस्ती और कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 87 लोगों को बचाव अभियान चलाकर सुरक्षित निकाला गया है। इस दौरान कुशीनगर में बाढ़ में फंसे 20 मवेशियों को भी बचाया गया। वहीं सीएम योगी ने नेपाल से छोड़े गये पानी से प्रभावित श्रावस्ती और कुशीनगर के जिलाधिकारियों को क्षतिग्रस्त फसल का 24 घंटे के अंदर सर्वे कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगी ने शासनस्तर के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त फसल की सर्वे रिपोर्ट मिलते ही तत्काल मुआवजा देने का आदेश दिया है। हालांकि अभी इन जिलों में स्थिति सामान्य है, जबकि कुछ ही इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है।

सूबे के राहत आयुक्त जीएस नवीन के अनुसार शनिवार रात करीब 8 बजे राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को श्रावस्ती के तहसील जमुनहा की ग्राम पंचायत गजोभरी के ग्राम मोहनपुर भरथा एवं केवटन पुरवा में नेपाल से अचानक छोड़े गये पानी में 11 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली, जिसमें तीन बच्चे, पांच महिलाएं और 3 पुरुष शामिल थे। सूचना मिलते ही तत्काल श्रावस्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी अपनी टीम के साथ बचाव अभियान के लिए मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन एवं फ्लड पीएसी की टीमों ने साझा बचाव अभियान चलाया और लगभग आठ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

राहत आयुक्त ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद देवघाट बैराज से 5,71,850 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली। इस पर कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को बड़ी गंडक में बाल्मीकि नगर बैराज द्वारा 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना पर तहसील खड्डा के गांवों के प्रभावित होने की तत्काल जानकारी दी गयी। इसके बाद कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपनी टीम के साथ तहसील खड्डा के प्रभावित 13 गांवों का निरीक्षण किया। साथ ही गांववासियों से गांव को खाली करने की अपील की। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान तहसील खड्डा के नारायणपुर के एक टापू पर कुछ लोगों के साथ मवेशियों के फंसे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद एनडीआरएफ और पीएसी की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

मिली जानकारी अनुसार बचाव अभियान के दौरान घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद 76 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। इस दौरान टीम ने 20 मवेशियों को भी सुरक्षित बचाया। वहीं बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। यह पर उन्हे पौष्टिक और गरम खाने के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। इसके साथ ग्रामीणों के मवेशियों के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं।