दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लखनऊ परिक्षेत्र के लखीमपुर जिले से हरदिन 20 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। यह आंकड़ा मंडल में सबसे अधिक है। हरदोई मंडल में फिसड्डी है।

हरदोई मात्र 2198 लीटर ही दूध का उत्पादन करता है। दूध उत्पादन में आगे होने पर लखीमपुर को कई बार पुरस्कार भी मिल चुका है। दुग्ध उत्पादक सहकारी लखीमपुर से जुड़ी 185 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियां है। समितियों के माध्यम से रोजाना 20 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है, जो जिला मुख्यालय के माध्यम से लखनऊ भेजा जाता है।

लखनऊ में पैकिंग के बाद यह दूध पराग के नाम पर सप्लाई होता है। पैकेट बंद दूध के साथ ही 12 प्रकार खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं। जनपद की 185 समितियों में सबसे ज्यादा दुग्ध समिति बेलवामोती के प्रगतिशील किसान वरुण सिंह करते है। यह प्रत्येक दिन 700 से 800 लीटर दूध समिति को देते हैं।

सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन में बेलवामोती के प्रगतिशील किसान वरुण को प्रदेश स्तर का प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। पुरस्कार के रूप में इनको दो लाख रुपये और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जा चुका है। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लखनऊ परिक्षेत्र लखीमपुर स्थानीय प्रभारी जीएल वर्मा ने बताया कि मंडल में सबसे अधिक लखीमपुर में दूध का उत्पादन होता है। जिले को हर वर्ष सम्मान मिलता है। इस बार भी हम दूध उत्पादन में आगे चल रहे हैं।

गौरतलब है कि देश में दूध का उत्पादन वर्ष 2014-15 में 146.31 मिलियन टन से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 239.30 मिलियन टन हो गया है, जो पिछले 10 वर्षों के दौरान 63.55% की वृद्धि है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक दूध की उत्पादकता प्रति पशु प्रति वर्ष 3000 किलोग्राम तक हासिल करना है।