वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना बजट पेश किया | मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी वाले सदन में पेश इस बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं| बजट पेश करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि शिक्षा, शोध और अनुसंधान के साथ-साथ प्रसार कार्यक्रमों की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है. सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 04 कृषि विश्वविद्यालयों में एग्रीटेक स्टार्टअप योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था है|

बजट के मुताबिक, महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रोद्योगिक विश्वविद्यालय, कुशीनगर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है| कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, अयोध्या, बांदा और मेरठ में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है|

बजट में सरकार ने कहा, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय (कैंपस) आजमगढ़ में पठन- पाठन का काम शुरू हो चुका है| जनपद गोंडा में कृषि महाविद्यालय (कैंपस) की स्थापना का निर्माण कार्य प्रगति पर है|

वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान कहा, भारत विश्व में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है जिसमें उत्तर प्रदेश सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है|दिनों दिन बढ़ती हुई जनसंख्या और घटती हुई कृषि योग्य भूमि के कारण दूध व्यवसाय ही एकमात्र ऐसा व्यवसाय है, जो ग्रामीण क्षेत्र के अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्बल, भूमिहीन मजदूर, बरोजगारों के लिए अतिरिक्त आय का लाभप्रद साधन है|

बजट प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान दूघ संघों को मजबूत बनाने और उसे फिर से जिंदा करने की योजना के तहत 86 करोड़ 95 लाख रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है|

बजट के मुताबिक, ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 61 करोड़ 21 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है| जनपद मेरठ और वाराणसी में डेयरी परियोजनाओं के लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है|

उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास और दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति, 2022 के अंतर्गत प्रदेश में स्थापित होने वाले दुग्ध उद्योग की ईकाइयों को वित्तीय अनुदान, रियायतें और अन्य सुविधाएं देने के लिए 25 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है|

वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान कहा, भारत विश्व में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है जिसमें उत्तर प्रदेश सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है|दिनों दिन बढ़ती हुई जनसंख्या और घटती हुई कृषि योग्य भूमि के कारण दूध व्यवसाय ही एकमात्र ऐसा व्यवसाय है, जो ग्रामीण क्षेत्र के अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्बल, भूमिहीन मजदूर, बरोजगारों के लिए अतिरिक्त आय का लाभप्रद साधन है|

बजट प्रस्ताव के मुताबिक, वर्तमान दूघ संघों को मजबूत बनाने और उसे फिर से जिंदा करने की योजना के तहत 86 करोड़ 95 लाख रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है|

बजट के मुताबिक, ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 61 करोड़ 21 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है| जनपद मेरठ और वाराणसी में डेयरी परियोजनाओं के लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है|

उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास और दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति, 2022 के अंतर्गत प्रदेश में स्थापित होने वाले दुग्ध उद्योग की ईकाइयों को वित्तीय अनुदान, रियायतें और अन्य सुविधाएं देने के लिए 25 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है|

उत्तर प्रदेश के निराश्रित या बेसहारा गोवंश की समस्या के निराकरण के लिए प्रदेश के समस्त जिलों में 187 वृहद गो-संरक्षण केंद्र के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 171 केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है| उत्तर प्रदेश के बुंदलेखंड क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या के निराकरण के लिए बुंदेलखंड के हर जिले में 05-05 गो-आश्रय केंद्र खोले गए हैं|

छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 750 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है| वृहद गौ-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है| पशु रोग नियंत्रण के लिए 116 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है| प्रदेश में भेड़ बाहुल्य जनपदों में भेड़ पालन के लिए तीन करोड़ 44 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है|