77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता (National School Band Competition) का ग्रैंड फिनाले 24 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बाल भवन, नई दिल्ली में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर देशभर से चयनित स्कूली बैंड टीमों ने अनुशासन, संगीत कौशल और देशभक्ति की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रतियोगिता में पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—चारों जोनों से चयनित टीमों ने भाग लिया। कुल चार श्रेणियों—ब्रास बैंड बॉयज, ब्रास बैंड गर्ल्स, पाइप बैंड बॉयज और पाइप बैंड गर्ल्स—में मुकाबले हुए। प्रत्येक श्रेणी में विजेता टीमों को रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।

पुरस्कार और सम्मान

प्रत्येक श्रेणी में

  • प्रथम पुरस्कार: ₹51,000
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000
  • तृतीय पुरस्कार: ₹21,000
  • सांत्वना पुरस्कार: ₹11,000

के साथ ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन रक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त जूरी ने किया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के विशेषज्ञ शामिल थे।

प्रमुख विजेता टीमें

ब्रास बैंड बॉयज

  • प्रथम: संजीवनी सैनिक स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, कोपरगांव (महाराष्ट्र)
  • द्वितीय: सिटी मोंटेसरी स्कूल, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
  • तृतीय: सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, चाईबासा (झारखंड)

ब्रास बैंड गर्ल्स

  • प्रथम: प्रोविडेंस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, कोझिकोड (केरल)
  • द्वितीय: सेंट जोसेफ कॉलेज, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
  • तृतीय: डॉन बॉस्को हाई स्कूल, मुंबई (महाराष्ट्र)

पाइप बैंड बॉयज

  • प्रथम: कैराली स्कूल, रांची (झारखंड)
  • द्वितीय: गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बदली (दिल्ली)
  • तृतीय: द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर (छत्तीसगढ़)

पाइप बैंड गर्ल्स

  • प्रथम: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, रांची (झारखंड)
  • द्वितीय: पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सूरतगढ़ (राजस्थान)
  • तृतीय: गवर्नमेंट सर्वोदय कन्या विद्यालय, दिल्ली

कर्तव्य पथ पर विशेष प्रस्तुति

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अविला कॉन्वेंट मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल, कोयंबटूर (तमिलनाडु) को कर्तव्य पथ पर सलामी मंच के समक्ष विशेष प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा।

युवाओं और नारी शक्ति की सराहना

रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि देश का युवा ही विकसित भारत 2047 की सबसे बड़ी शक्ति है।
चूंकि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय बालिका दिवस (24 जनवरी) के अवसर पर आयोजित हुआ, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महिलाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रही है।

मंत्रालयों के बीच समन्वय की सराहना

रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा की भावना को मजबूत करती हैं।
वहीं शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता जैसे सह-पाठ्यक्रम मंच छात्रों में नेतृत्व, टीमवर्क और समग्र विकास को बढ़ावा देते हैं, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है।

रिकॉर्ड भागीदारी

इस वर्ष प्रतियोगिता में 763 स्कूल बैंड टीमों ने राज्य स्तर पर भाग लिया। इनमें से 94 टीमें जोनल स्तर के लिए चयनित हुईं, जबकि 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से 80 टीमों के 2,217 छात्र जोनल प्रतियोगिता में शामिल हुए।

राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आज देश के छात्रों में संगीत, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का एक सशक्त मंच बनकर उभर रही है।