केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार (6 सितंबर 2025) को स्पष्ट किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात को लेकर भारत किसी भी तरह का समझौता किसानों के हितों से समझौता कर नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनके साथ कोई समझौता नहीं होगा।

अमेरिका-भारत संबंधों में खिंचाव

हाल ही में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ बढ़ा दिए, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। इसी कारण दोनों देशों के संबंधों में तनाव देखा जा रहा है।

पत्रकार वार्ता में जब चौहान से पूछा गया कि क्या भारत अमेरिका से कृषि उत्पाद आयात पर कुछ समझौता कर संबंध सुधारने की कोशिश करेगा, तो उन्होंने कहा—
“प्रधानमंत्री ने कहा है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”

विपक्ष पर हमला

जीएसटी ढांचे में बदलाव को लेकर विपक्ष के आरोपों पर चौहान ने पलटवार करते हुए कहा—
“वे हर अच्छे काम के पीछे ट्रंप को देखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को दिखाया है कि भारत के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। इसमें कोई समझौता नहीं होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि किसानों, पोल्ट्री व्यवसायियों, मछुआरों और गरीबों के हितों की रक्षा करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है और भारत अपने फैसले खुद लेता है।

गौरतलब है कि इससे पहले 25 अगस्त को भी चौहान ने कहा था कि सरकार ने भारतीय किसानों के हित में अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात की मांग ठुकरा दी थी।