भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर हुई पांच दिवसीय वार्ता का चौथा चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोनों देशों ने एक “आधुनिक, व्यापक और भविष्य-उन्मुख” समझौते की दिशा में प्रगति तेज करने का संकल्प लिया है।

इस दौर की वार्ताएं दो शहरों में आयोजित की गईं, जिनमें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मंत्री टॉड मैकक्ले (Todd McClay) ने भाग लिया। दोनों मंत्रियों ने अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड एक “भविष्य के लिए तैयार एफटीए” बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

व्यापार और निवेश में नई संभावनाएं

वार्ता के दौरान माल एवं सेवा व्यापार, आर्थिक सहयोग, निवेश और नियमों (Rules of Origin) पर गहन चर्चा हुई। आधिकारिक बयान के अनुसार, “दोनों पक्षों ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और एक लचीली, समावेशी और टिकाऊ वृद्धि के लिए परस्पर लाभकारी साझेदारी बनाने की साझा महत्वाकांक्षा दिखाई।”

मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह प्रस्तावित एफटीए व्यापार प्रवाह को बढ़ाएगा, निवेश संबंधों को गहराई देगा, सप्लाई चेन को मज़बूत करेगा और व्यापारिक समुदाय को अधिक स्थिरता और बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा।

49% की वृद्धि के साथ व्यापार में तेजी

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय माल व्यापार लगभग 1.3 बिलियन डॉलर का रहा, जो 49 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एफटीए लागू होने से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।

एफटीए पर जल्द सहमति की दिशा में प्रयास

दोनों देशों ने यह भी तय किया है कि वे अंतर-सत्रीय (inter-sessional) बैठकों के माध्यम से वार्ता की गति बनाए रखेंगे और सभी अध्यायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, ताकि समझौते पर जल्द से जल्द सहमति बन सके।

आधिकारिक बयान में कहा गया —

“भारत वैश्विक समृद्धि और सुरक्षित सप्लाई चेन के लिए गहरे आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”