बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास एक पोलो रोड पर हुई ढाई घंटे लंबी बैठक में 243 सीटों पर गहन मंथन किया गया। बैठक के बाद बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने जानकारी दी कि सभी दलों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा कर सहमति बनाई है।

राजेश राम ने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव से इतर इस बार कांग्रेस व अन्य सहयोगी दल अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। वोटर अधिकार यात्रा के बाद सहयोगी दलों का मनोबल और मजबूत हुआ है।

15 सितंबर तक सीट बंटवारे का ऐलान संभव

जानकारी के मुताबिक, महागठबंधन की समन्वय समिति की अगली बैठक में सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा 15 सितंबर तक की जा सकती है। इस बार पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) भी महागठबंधन में शामिल होंगे।

इस तरह अब गठबंधन में राजद, कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीआई-एम, रालोजपा और जेएमएम समेत कुल आठ दल हो गए हैं। ऐसे में कांग्रेस और राजद को पिछले चुनाव की तुलना में कुछ सीटें छोड़नी पड़ सकती हैं। 2020 के चुनाव में आरजेडी ने 144 सीटों, कांग्रेस ने 70 सीटों और वाम दलों ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

तेजस्वी यादव ही होंगे मुख्यमंत्री चेहरा

बैठक के बाद वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा कि सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है और जल्द घोषणा होगी। उन्होंने साफ किया कि महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा और वही मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर भी कोई विवाद नहीं है, इसका नाम भी तय कर जल्द घोषित कर दिया जाएगा।

यह बैठक महागठबंधन की पांचवीं बैठक थी। वोटर अधिकार यात्रा के समापन के बाद यह पहली बड़ी बैठक रही, जिसमें सभी सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।