बिहार में आई बाढ़ से किसानों को हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुआवजा देने की घोषणा की है। भागलपुर जिले में हालिया बाढ़ से लगभग 34 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इनमें धान, मक्का, दलहनी और बारहमासी फसलें शामिल हैं।
जिला प्रशासन द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 11 बाढ़ प्रभावित प्रखंडों के 1,19,930 परिवारों के खाते में 83.95 करोड़ रुपये डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार सबसे अधिक नुकसान अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) प्रखंड की 16 पंचायतों और शाहकुंड की आठ पंचायतों में हुआ है। इसके अलावा सबौर, गोराडीह, सन्हौला, कहलगांव, पीरपैंती और नाथनगर प्रखंडों में भी बाढ़ ने फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है।
इस बार जिले में 53,289 हेक्टेयर में धान, 42,774 हेक्टेयर में मक्का और 6,106 हेक्टेयर में दलहनी फसलें बोई गई थीं। लंबे समय तक पानी भरे रहने से खासतौर पर धान की खेती को गंभीर नुकसान हुआ है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि वितरण में अजगैवीनाथ धाम (19,712 परिवार), पीरपैंती (18,369 परिवार), कहलगांव (16,656 परिवार), नाथनगर (15,485 परिवार) और सबौर (12,803 परिवार) सबसे आगे रहे। भागलपुर जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की संख्या राज्य में सर्वाधिक है।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के अनुसार, कृषि विभाग ने फसल क्षति का आकलन पूरा कर लिया है और रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेज दी गई है। सरकार के स्तर पर लिए गए निर्णय के बाद किसानों को आगे और मुआवजा भी उपलब्ध कराया जाएगा।