देश भर में तापमान बढ़ने के साथ इस साल फरवरी में ही लू ने दस्तक दे दी है। इतना ही नहीं हाल के वर्षों की तुलना में इस बार रातें भी पहले ही गर्म होने लगी हैं। 25 फरवरी, 2025 को गोवा और महाराष्ट्र ने भारत में इस साल की पहली लू का सामना किया। यह पहली बार है जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा परिभाषित सर्दियों के मौसम (जनवरी-फरवरी) में लू चली है।

आईएमडी ने पुष्टि की है कि पिछले 125 वर्षों में फरवरी में कभी इतनी गर्मी नहीं पड़ी जितनी इस साल 2025 में दर्ज की गई है।

चरम मौसमी घटनाओं पर डाउन टू अर्थ द्वारा जारी इंटरैक्टिव एटलस के आंकड़ों से पता चला है कि चार वर्षों में ओडिशा और झारखंड ने सबसे पहले लू का सामना किया है।

ऐसा नहीं कि सिर्फ लू की घटनाएं समय से पहले दस्तक दे रहीं हैं। साथ ही इनकी तीव्रता भी बढ़ रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 मार्च, 2025 को ओडिशा के बौध में भारत का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। इस दौरान भीषण गर्मी का कहर जारी रहा।

16 मार्च को बौध में तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद झारसुगुड़ा में 42 डिग्री सेल्सियस और बोलनगीर में 41.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मतलब की देश के तीन सबसे गर्म स्थान उस दिन ओडिशा में थे।

फरवरी 2025 में पहली बार आईएमडी ने अपनी रिपोर्ट में ‘सामान्य से अधिक रात्रि तापमान’ के आंकड़े शामिल किए। यह आंकड़े रात के तापमान में वृद्धि का संकेत देते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक 11 से 23 फरवरी, 2025 के बीच 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम से कम एक बार रात में तापमान सामान्य से कम से कम एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। चिंता की बात है कि इनमें से 22 में रात का तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया था।

गौरतलब है कि हिमालयी पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है और मैदानी इलाकों में लू ककड़ी चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश में लू और गर्मी से बचाव के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आला अफसरों की बैठक की। उन्होंने गर्म हवाओं से बचाव के लिए सरकारी अमले को सचेत करते हुए प्रभावी तैयारी के निर्देश दिए हैं।