प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस क्रम में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने, उत्पादन लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल संभाग में कृषि एवं उससे जुड़े विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

शहडोल संभाग की आयुक्त श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कमिश्नर कार्यालय के अमरकंटक सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों को जिलेवार कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्री जे.एस. पेंद्राम, तीनों जिलों के उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सहायक संचालक मत्स्य, सहकारिता एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना की समीक्षा

आयुक्त ने बताया कि शहडोल संभाग के तीनों जिलों में प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि रकबे के विस्तार एवं औसत उत्पादन बढ़ाने हेतु स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर पोर्टल पर अपडेट की जाए।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का चयन, फसल बीमा के लाभों के प्रति किसानों को जागरूक करना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाना तथा एफपीओ गठन पर विशेष जोर दिया गया।

दलहन-तिलहन, सिंचाई और यंत्रीकरण पर फोकस

आयुक्त ने दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने हेतु गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
“वन ड्रॉप मोर क्रॉप” के सिद्धांत पर माइक्रो इरिगेशन के अंतर्गत ड्रिप, स्प्रिंकलर एवं पाइपलाइन विस्तार पर बल दिया गया।
खेती की लागत कम करने के लिए किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा स्व सहायता समूह की दीदियों को ड्रोन प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।

मृदा स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और प्राकृतिक खेती

मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाकर किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी देने, उनके संतुलित उपयोग में सहयोग करने तथा कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों एवं विभागीय अमले को प्रशिक्षण देने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।

दुग्ध उत्पादन और पशुपालन योजनाएं

आयुक्त ने संभाग में डॉ. अंबेडकर कामधेनु योजना, हिरण्य गर्भा योजना एवं छिरधार योजना की समीक्षा करते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।
दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में मिल्क रूट निर्माण, कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल सुधार तथा पशुपालकों के क्रेडिट कार्ड बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

मत्स्य पालन, उद्यानिकी और सहकारिता

मत्स्य पालन विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि समृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए मछुआ समितियों के गठन, केज कल्चर को बढ़ावा, मछुआरों के क्षमता विकास प्रशिक्षण एवं केसीसी बनाने के निर्देश दिए गए।
उद्यानिकी विभाग को पीएमएफएमई योजना के लक्ष्य प्राप्त करने तथा पुष्प, सब्जी एवं मसाला उत्पादन के क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए गए।
सहकारिता विभाग को सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण और अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।