महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के ‘सरकार भिखारी है’ वाले बयान ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। फसल बीमा योजना पर बोलते हुए दिए गए इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे “अत्यंत अनुचित” करार देते हुए कहा, “महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था चुनौतियों के बावजूद मजबूत है और सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने फसल बीमा योजना में सुधार कर किसानों को सीधा लाभ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
क्या कहा मंत्री ने?
माणिकराव कोकाटे ने फसल बीमा योजना को लेकर कहा, “सरकार किसानों को ₹1 नहीं देती, बल्कि उनसे ₹1 लेती है। इसलिए सरकार ही भिखारी है।”
इससे पहले फरवरी में भी उन्होंने कहा था, “कोई भिखारी भी ₹1 की भीख नहीं लेता, लेकिन यहां हम किसानों को ₹1 में फसल बीमा दे रहे हैं, फिर भी कुछ लोग इसका दुरुपयोग करते हैं।” उस वक्त भी उनके बयान को लेकर विपक्षी नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया था और किसानों के सम्मान के खिलाफ बताया था।
विपक्ष का हमला
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इस बयान को “महाराष्ट्र का अपमान” बताया और मुख्यमंत्री से मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर भी कोकाटे के इस्तीफे की औपचारिक मांग की।
NCP (SP) के नेता रोहित पवार ने भी कोकाटे पर हमला करते हुए विधानसभा सत्र के दौरान मोबाइल पर “रम्मी गेम” खेलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसे लेकर मंत्री को चौतरफा घेरा गया।
मंत्री का बचाव
माणिकराव कोकाटे ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, “मेरा इस्तीफा क्यों मांगा जा रहा है? क्या मैंने किसी से बदसलूकी की है या कोई किसान-विरोधी फैसला लिया है?”
उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाफ वायरल हो रहे वीडियो पर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। “मैं रम्मी खेलना जानता ही नहीं। गेम की एक नोटिफिकेशन स्क्रीन पर पॉपअप हुई थी, जिसे मैं हटाने की कोशिश कर रहा था।”
कृषि निवेश पर फोकस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगले पांच वर्षों में सरकार ₹25,000 करोड़ का निवेश कृषि क्षेत्र में करेगी ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।