कृषि यांत्रिकीकरण योजना में छोटे कृषि यंत्र भी खरीद सकते हैं। पहले छोटे कृषि यंत्र पर अनुदान नहीं मिलता था। इसबार खुरपी, कुदाल,
हंसुआ सहित अन्य छोटे यंत्र भी अनुदानित दर पर मिलेंगे। करीब एक दशक बाद फिर से छोटे यंत्रों पर किसानों को अनुदान मिलेगा।
कृषि यांत्रिकीकरण योजना में इस बार 108 तरह की कृषि यंत्रों पर सरकार की ओर से अनुदान मिलेगा। इसका लाभ लेने के लिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
विभिन्न कृषि यंत्रों पर अलग-अलग अनुदान की राशि निर्धारित है। 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अनुदान तय है। 80 प्रतिशत अनुदान वाले यंत्र में फसल अवशेष प्रबंधन के कई यंत्र शामिल हैं। सामान्य वर्ग और एससी वर्ग के लिए अलग अलग अनुदान की राशि निर्धारित है।
कृषि यंत्र बैंक की स्थापना पर भी किसानों को इसबार 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसानों को 10 लाख तक की यंत्रों की खरीद पर चार लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसका भी आवेदन लिया जा रहा है। हालांकि इस योजना का लाभ किसान समूह में या व्यक्तिगत तौर पर ले सकते हैं।इसमें हर मौसम के लिए यानी जुताई, बुआई, कटाई और हार्वेस्टिंग व अन्य यंत्रों को लेना अनिवार्य होगा। अन्यथा योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
मैनुअल कृषि यंत्र किट पर 80 प्रतिशत अनुदान इसबार किसानों को मिलेगी। इसमें खुरपी, कुदाल, दो तरह का हंसुआ, वीडर व अन्य यंत्र का 1000 रुपये किट निर्धारित है। इसमें किसानों को अनुदान काटकर सिर्फ दो सौ रुपये में मिलेंगे। हालांकि मैनुअल कृषि यंत्र किट सिर्फ विभाग की ओर से लगाए गये मेले में उपलब्ध कराए जाएंगे। बाहरी खरीद पर अनुदान मान्य नहीं होगा। इसके लिए गैर रैयत किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
बिहार सरकार के ओएफएमएस पोर्टल पर किसान आवेदन कर सकते हैं। बीस हजार से अधिक के कृषि यंत्र की खरीद के लिए किसानों को एलपीसी या तीन वित्तीय वर्ष पूर्व तक की जमीन का लगान रसीद लगाना होगा। 20 हजार तक के कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को कोई पेपर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इसमें पंपसेट को इस दायरे से बाहर रखा गया है।