राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कृषि मेला का उद्घाटन किया। इस मौके पर वहां पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि पहले यहां कोई काम नहीं हो पाता था। जब से प्रदेश में उनकी सरकार बनी है, उसके बाद से यानी 2006 से कृषि रोड मैप की शुरुआत हुई।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज तक ब‍िहार में जो नहीं हुआ, वह उनकी सरकार ने किया है। उनका दावा है कि किसानों के लिए इस मेले का शुभारंभ उन्होंने किया था। अब सब कुछ अच्छे से हो रहा है। मेले में किसानों को उनकी जरूरत के सभी उपकरण मिल रहे हैं। यहां 300 स्टॉल लगाए गए हैं।

एक सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि सब बढ़िया काम किया जा रहा है। प्रदेश के किसी भी कोने में जाकर आप देख सकते है। सीएम ने दावा किया है कि उनकी सरकार से पहले बिहार में कोई काम नहीं होता था। बीते 18 साल के दौरान किसान से लेकर सभी वर्गों के लिए अच्छा काम किया जा रहा है।

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कृषि मेले का उद्देश्य यह है कि आधुनिक यंत्रों को किसान देखें और समझें। आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करने से किसानों को फायदा होगा और उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इससे अन्नदाता की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। कहा कि इस मेले में इस प्रकार के सभी चीजों की प्रदर्शनी लगाई गई है। बिहार की सरकार ने हमेशा किसानों के हित में कई काम करती आई है। हमारी कोशिश है कि किसान कृषि यंत्रों का उपयोग करें और उत्पादन में वृद्धि करें।

श्री पाण्डेय ने कहा -उन्होंने कहा, ‘हम लोगों ने कृषि यंत्रों के ल‍िए 186 करोड़ रुपये अनुदान देने का निर्णय किया है। इसके तहत 75 प्रकार के यंत्र दिए जाते हैं। इसमें सरकार की ओर से क‍िसान को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। अनुदान देने का मकसद आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करने के ल‍िए प्रोत्‍साह‍ित करना है।’