छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में समर्थन मूल्य के तहत 17 से 31 जनवरी तक धान बेचने वाले किसानों का पैसा अब तक उनके खाते में नहीं आया है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों ने इसकी शिकायत जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक -2 की प्रत्याशी संध्या भारद्वाज से की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बात की और दो दिन में पूरी डालने का आश्वासन दिया। वे अर्जुंदा सेवा सहकारी केंद्रीय बैंक में पहुंची थीं। सूबे में कई जिलों में धान की बिक्री के बाद सरकार ने बोनस का ऐलान करने के बाद अभी पैसे जारी नहीं किए हैं।
कई किसानों ने बताया कि बोनस का पैसा खाते में आ गया है, लेेकिन मूल राशि अब तक नहीं आई है। किसान संबंधित विभाग से इसकी वजह जानने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सही जानकारी नहीं दे रहा है।
फरवरी महीने में छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी सौगात मिलेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की है। सीएम साय ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही है। धान किसानों के खाते में अंतर की राशि इस महीने खातों में डाली जाएगी। सीएम साय ने कहा- मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हमारी सरकार ने की है, जिसकी अंतर की राशि अन्नदाताओं के खाते में बहुत जल्द भेजेंगे। इसके साथी ही सीएम साय ने कहा इस साल हमारी सरकार ने रेकॉर्ड धान की खरीदी की है।
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 31 जनवरी तक हुई है। इस दौरान 25 लाख किसानों ने अपनी धान बेची है। बता दें कि राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर 2024 से शुरू हुई थी। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 31 जनवरी तक हुई है।
छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि केंद्र सरकार 2300 रुपये में धान की खरीदी करती है। धान बेचने वाले किसानों के खाते में 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया था। अब बची हुए 800 रुपये का भुगतान होना है। सरकार प्रति क्विंटल 800 रुपये अंतर की राशि किसानों के खाते में जमा करेगी। सीएम साय ने घोषणा की थी कि फरवरी महीने में किसानों के खाते में अंतर की राशि भेज दी जाएगी।