जमशेदपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन, विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति और जन शिकायतों की स्थिति की समीक्षा के लिए झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्य श्रीमती शबनम परवीन की अध्यक्षता में परिसदन, जमशेदपुर में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खाद्य आपूर्ति, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, नगर विकास, कल्याण आदि विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश

श्रीमती परवीन ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं तो संबंधित विभागों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे समयबद्ध तरीके से समाधान करें और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने दें।

कुपोषण उपचार केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

समीक्षा बैठक के बाद प्रभारी अध्यक्ष ने टेल्को कॉलोनी स्थित मदर टेरेसा सेंटर (MTC) और न्यू कपाली क्षेत्र के दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, साफ-सफाई, कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और अभिलेखों के रखरखाव की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाई गईं, जिस पर उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

योजनाओं का लाभ बाधा रहित तरीके से पहुंचे – शबनम परवीन

श्रीमती परवीन ने दोहराया कि सरकार की सभी योजनाओं का अंतिम उद्देश्य यह है कि समाज के सबसे वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे लाभुकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण सजगता बरतें।

बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी

समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त श्री भगीरथ प्रसाद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री सलमान जफर खिजरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर चर्चा के साथ-साथ शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया।