मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुधा के पहले एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट का शुभारंभ कर दिया। गुरुवार को सीएम ने एक अणे मार्ग से पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के तहत ‘सुधा’ के पहले एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनमें विशेष रूप से मखाना, घी और गुलाब जामुन भेजे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान इन सामानों का अवलोकन किया और जानकारी प्राप्त की कि एक वाहन में मखाना और घी को अमेरिका के लिए जबकि दूसरे वाहन में गुलाब जामुन को कनाडा के लिए भेजा जा रहा है। यह सामान पहले समुद्री पोर्ट तक पहुंचाया जाएगा, उसके बाद समुद्री मार्ग से इसे अमेरिका और कनाडा के गंतव्य तक भेजा जाएगा।

कार्यक्रम में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने मुख्यमंत्री को इस पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर राज्य सरकार के कई प्रमुख मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे।पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायती राज, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व मंत्री संजय सरावगी, पर्यावरण मंत्री डॉ. सुनील कुमार, सांसद संजय कुमार झा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, और अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। यह पहल बिहार के उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहचान को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।

सुधा डेयरी के उत्पादों का विदेशों में निर्यात बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, बिहार के किसानों और उत्पादकों को भी इसका लाभ होगा। यह बिहार के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद करेगा। सुधा के उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की देश में पहले से ही काफी प्रशंसा होती रही है। अब विदेशों में भी इन उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

यह पहला मौका है जब सुधा के उत्पादों को विदेश भेजा जा रहा है। यह बिहार के लिए गर्व की बात है। इस पहल से राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की योजना है कि आगे चलकर सुधा के और भी उत्पादों को विदेशों में निर्यात किया जाए। इसके लिए सरकार नए बाजारों की तलाश कर रही है।