उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे योजना की शुरुआत की है। यह देश की पहली पहल है, जिसके तहत गाँवों को जीवंत सांस्कृतिक केंद्रों में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के जरिए सैलानियों को गाँव की असली जीवनशैली का अनुभव मिलेगा, साथ ही किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गांव की असली झलक दिखाएगा फार्म स्टे
साधारण होमस्टे से अलग, फार्म स्टे सीधे सक्रिय खेतों पर या उनके पास विकसित किए जाएंगे। हर सुविधा में कम से कम दो कमरे, एक रिसेप्शन एरिया और खेती, डेयरी, बागवानी और पारंपरिक खाना बनाने जैसी गतिविधियों की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
पर्यटन और आजीविका का संगम
पर्यटक यहाँ पर सीधे खेतों में काम करने, गाय का दूध निकालने, फसल काटने और किसानों के परिवारों के साथ पारंपरिक भोजन का आनंद लेने का मौका पाएंगे। इससे न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा बल्कि पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
निवेशकों के लिए अवसर और प्रोत्साहन
पर्यटन निदेशालय ने निवेशकों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। योजना में आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं, जिनमें सब्सिडी, पाँच साल तक ईपीएफ योगदान की वापसी और दिव्यांगजन को रोजगार देने वाले नियोक्ताओं को अतिरिक्त सहायता शामिल है।
ग्रामीण विकास का नया मॉडल
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, महिलाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय धरोहर को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी। आधुनिक पर्यटन ढांचे के साथ सांस्कृतिक प्रामाणिकता का मेल करके उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एग्री-टूरिज़्म डेस्टिनेशन बनाने का लक्ष्य है।



