ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने “बकरी पालन लोन योजना 2025” की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नए और पुराने बकरी पालकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। यह योजना देशभर के सरकारी और निजी बैंकों के माध्यम से लागू की गई है।
योजना की मुख्य बातें
•पात्रता: लाभार्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए, आयु 18 वर्ष से अधिक और राशन कार्ड अनिवार्य है। साथ ही, सिविल स्कोर अच्छा होना चाहिए और किसी लोन में डिफॉल्ट नहीं होना चाहिए।
•दस्तावेज़: आधार, पैन, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आय व निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और बकरी पालन प्रोजेक्ट रिपोर्ट जरूरी है।
•लोन सीमा: ₹50,000 से ₹10 लाख तक। समय पर लोन चुकाने पर आगे चलकर ₹50 लाख तक का बड़ा लोन भी मिल सकता है।
•खर्च का उपयोग: बकरियों की खरीद, शेड निर्माण, चारा और चिकित्सा सुविधाओं पर राशि खर्च की जा सकेगी।
•ब्याज दर: 7% से 12% वार्षिक तक, बैंक और लोन राशि के अनुसार। आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा होगी।
•आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक व्यक्ति नजदीकी बैंक शाखा से फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ जमा करेगा। जांच पूरी होने पर लोन सीधे खाते में भेज दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है और बकरी पालन को एक संगठित व्यवसाय का रूप देने में मददगार होगी।



