बिहार के मुंगेर जिले में बाढ़ग्रस्त किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जमालपुर प्रखंड के परहम पंचायत के वार्ड संख्या 9, 10 और 11 के पीड़ितों ने रविवार को एनएच-80 (मुंगेर–लखीसराय राष्ट्रीय राजमार्ग) पर सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जिन्होंने सड़क पर बैठकर प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से उनके घर पूरी तरह डूब गए हैं और जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक बाढ़ राहत राशि उनके खातों में नहीं भेजी गई है।
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और जिलाधिकारी से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी या अंचलाधिकारी (सीओ) मौके पर आकर उनकी समस्या का समाधान नहीं करेंगे, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा।
प्रदर्शन के चलते एनएच-80 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इससे पहले भी बिहार, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में लगातार बारिश और बाढ़ से भारी तबाही देखी जा चुकी है। वहीं, मुंगेर जैसे इलाकों में राहत कार्यों की धीमी रफ्तार ने पीड़ितों का गुस्सा और बढ़ा दिया है।



