केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने पीएम किसान पोर्टल, किसान ई-मित्र और कॉल सेंटर पर आ रही शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
श्री चौहान ने कहा कि “योजनाओं का निर्माण जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनका सही तरीके से लागू होना भी है।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसानों को यह भरोसा होना चाहिए कि जब वे सरकार से संपर्क करेंगे, तो उनकी समस्या का समाधान जरूर होगा।
नकली बीज-खाद पर सख्ती
बैठक में कई किसानों ने नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की शिकायत की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि नकली उत्पाद बेचने वालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उनका लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक किसान की फसल खराब दवा से पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। इस मामले में FIR दर्ज कराई गई है और राज्य सरकार से उस कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई है।
आकस्मिक छापेमारी के निर्देश
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकली खाद-बीज बेचने वालों पर आकस्मिक छापेमारी की जाए और किसानों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
किसानों से सीधा संवाद
“विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत श्री चौहान लगातार फील्ड विजिट कर किसानों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और तुरंत समाधान के निर्देश भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “किसानों की संतुष्टि तभी संभव है जब उनकी समस्या का सही और त्वरित समाधान हो।”
किसानों से अपील
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या के लिए किसान कॉल सेंटर टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी, ICAR और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और किसानों की शिकायतों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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