मछली खाने के शौकीन लोगों के लिए खुशखबरी है। बहुत सी मछलियां ऐसी हैं जिनमें या तो कांटे नहीं होते या बेहद कम होते हैं। ये मछलियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। खासकर बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए ये मछलियां बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं।
अक्सर बच्चे मछली खाने से डरते हैं क्योंकि उसमें कांटे होते हैं, लेकिन बिना हड्डी वाली या कम हड्डी वाली मछलियां इस डर को खत्म कर देती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 मछलियों के बारे में –
1. टूना (Tuna)
टूना एक कम वसा वाली मछली है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है। यह स्टेक कट्स और डिब्बाबंद रूप में आसानी से मिल जाती है। सलाद और सैंडविच के लिए टूना बेहतरीन विकल्प है।
2. डोरी मछली (Dory Fish)
डोरी मछली मुलायम और स्वाद में हल्की होती है, इसलिए बच्चों को यह खूब भाती है। यह फिललेट्स के रूप में मिलती है और प्रोटीन से भरपूर तथा वसा में कम होती है। इसे ब्रेडेड फिश, ग्रिल्ड फिललेट्स या बटर सॉस के साथ पकाया जा सकता है।

3. ग्रूपर (Grouper)
ग्रूपर मछली में कांटे बहुत कम होते हैं। इसका मांस मोटा और कोमल होता है। इससे स्वादिष्ट सूप और फ्राइज़ तैयार किए जा सकते हैं। ग्रूपर सेलेनियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत है।
4. सैल्मन (Salmon)
सैल्मन एक लोकप्रिय मछली है जिसमें बहुत कम हड्डियां होती हैं। इसका स्वाद लाजवाब और पोषण मूल्य उच्च होता है। सैल्मन ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती है, जो बच्चों के दिमागी विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इससे सूप, ग्रिलिंग और फिश नगेट्स आसानी से बन सकते हैं।
5. स्नैपर (Snapper)
स्नैपर मछली में बड़े कांटे होते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता है। लाल स्नैपर और सफेद स्नैपर स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें विटामिन बी6, फॉस्फोरस और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है।
मछली खरीदने और पकाने के सुझाव
मछली खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि वह ताज़ी हो। ताज़ी मछली की आंखें साफ़ और गलफड़े लाल होते हैं। उसमें कोई दुर्गंध नहीं होनी चाहिए।
स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू का रस, अदरक और लहसुन जैसे साधारण मसालों का इस्तेमाल करें। ये सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं।



