खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग नीति निर्धारण से संबंधित निर्णय लेने हेतु गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस वर्ष पंजीकृत किसानों से भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पारदर्शी और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सरकार ने तय किया है कि खरीफ 2025-26 में किसानों का पंजीकरण एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में भी किया जाएगा। पंजीकरण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसानों को समर्थन मूल्य पर बेचे गए धान का भुगतान समय पर मिले, इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएँ। धान उपार्जन के लिए नए और पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था समय पर करने और धान की रिसाइक्लिंग रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जाँच दल गठित करने के भी निर्देश दिए गए।
धान की मिलिंग के लिए आवश्यक तैयारियों को लेकर भी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर सचिव खाद्य विभाग रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव वित्त विभाग मुकेश बंसल, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग रजत कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ किरण कौशल, संयुक्त सचिव कृषि विभाग राहुल देव और प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक के.एन. कांडे भी मौजूद थे।



