मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के द्वारा अलग-अलग योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस कड़ी में राजस्थान की गहलोत सरकार ने भी राज्य में किसानों को मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 11 लाख रुपए के वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मसाला बगीचा स्थापना हेतु क्षेत्र विस्तार के लिए 11 लाख रूपए के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह अनुदान राशि वर्तमान वित्तीय वर्ष से ही ‘मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना’ के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए लाई गई इस योजना में लाभान्वित होने वाले किसानों में न्यूनतम 50 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों को शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2022 – 23 के बजट में ही राज्य में बागवानी फसलों के विकास के लिए “राजस्थान उद्यानिकी मिशन” की शुरुआत करने की घोषणा की थी। जिसके तहत राज्य में फल बगीचों की स्थापना, सब्ज़ियों, फूलों, बीजीय मसालों एवं औषधीय फसलों के उत्पादन हेतु क्षेत्र विस्तार किया जाएगा।
इसमें राज्य के 15,000 किसानों को लाभान्वित करने हेतु 100 करोड़ रुपए की लागत से दो वर्षों में यह कार्य किया जाना है। 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फल बगीचे विकसित करने के लिए 10 हजार किसानों को अनुदान दिया जाएगा। साथ ही अनुदान की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाएगा।
मसाला फसलों का 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में और विस्तार करवाया जाएगा तथा औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 1500 हेक्टेयर क्षेत्रफल का विस्तार किया जाएगा। इससे 5 हजार किसान लाभान्वित होंगे।



